नई दिल्ली: राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इन नियुक्तियों के साथ देश की सर्वोच्च अदालत को न्यायिक अनुभव और विशेषज्ञता का व्यापक लाभ मिलेगा।
किन जजों की हुई नियुक्ति
सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किए गए पांच न्यायाधीशों में शामिल हैं:
- झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और मुंबई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस चंद्रशेखर
- पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू
- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव सचदेवा
- जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अरुण पल्ली
- सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकिता सुब्रमणि मोहना
कॉलेजियम की सिफारिश पर मुहर
इन नियुक्तियों की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 22 और 27 मई को हुई बैठकों में की थी। केंद्र सरकार को भेजी गई अनुशंसा के आधार पर राष्ट्रपति ने इन पर अंतिम मुहर लगाई।
न्यायपालिका को मिलेगा अनुभव का लाभ
नियुक्त किए गए चार न्यायाधीश विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबे समय तक मुख्य न्यायाधीश या वरिष्ठ न्यायाधीश के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। इससे सुप्रीम कोर्ट को न्यायिक अनुभव और प्रशासनिक दक्षता का लाभ मिलेगा।
बार से सीधी नियुक्ति
वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकिता सुब्रमणि मोहना की नियुक्ति सीधे बार से सुप्रीम कोर्ट में की गई है। इससे न्यायपालिका में विविध प्रतिनिधित्व और विशेषज्ञता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
न्याय व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों के अनुसार, इन नियुक्तियों से सुप्रीम कोर्ट की कार्यक्षमता बढ़ेगी और लंबित मामलों के निपटारे में भी तेजी आने की संभावना है।






