राजधानी पटना में आज रविवार, 24 मई 2026 को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा के शांतिपूर्ण, पारदर्शी और कदाचारमुक्त संचालन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पटना प्रमंडल आयुक्त सह समन्वयी पर्यवेक्षक मयंक वरवड़े ने कहा कि परीक्षा की गरिमा बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
79 परीक्षा केंद्रों पर 39,147 अभ्यर्थी
पटना जिले में UPSC प्रीलिम्स के लिए कुल 79 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 39,147 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह जबकि दूसरी पाली दोपहर में होगी।
30 जोन में बांटा गया शहर, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
परीक्षा को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने पूरे शहर को 30 जोन में विभाजित किया है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्थानीय निरीक्षण अधिकारी और सहायक पर्यवेक्षक-सह-स्टैटिक दंडाधिकारी की तैनाती की गई है। इसके अलावा 30 जोनल दंडाधिकारी, 16 सुरक्षित दंडाधिकारी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है।
यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस
परीक्षा के दिन अभ्यर्थियों और अधिकारियों के आवागमन को सुगम बनाए रखने के लिए शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है। प्रमुख मार्गों और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि जाम जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।
मोबाइल, स्मार्ट वॉच और गैजेट्स पर पूरी तरह प्रतिबंध
प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर कदाचार के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई है। परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। केंद्रों के मुख्य द्वार पर लगातार उद्घोषणा की जाएगी। प्रतिबंधित सामग्री के साथ पकड़े जाने पर अभ्यर्थियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तय समय के बाद नहीं मिलेगा प्रवेश
प्रथम पाली के लिए सुबह 9 बजे और दूसरी पाली के लिए दोपहर 2 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वहीं परीक्षा समाप्त होने से पहले किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा हॉल छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
चार वरिष्ठ IAS अधिकारी बनाए गए प्रेक्षक
परीक्षा की निगरानी के लिए चार वरिष्ठ IAS अधिकारियों को प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। साथ ही एक विशेष नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जहां से पूरे परीक्षा संचालन पर नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों को दी गई विशेष ब्रीफिंग
परीक्षा से पहले स्थानीय निरीक्षण अधिकारियों, दंडाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और केंद्राधीक्षकों की विशेष बैठक आयोजित की गई। इस दौरान डॉ. त्यागराजन एसएम, कार्तिकेय के. शर्मा और UPSC प्रतिनिधियों ने अधिकारियों को दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी।
UPSC गाइडलाइन का सख्ती से पालन
आयुक्त मयंक वरवड़े ने सभी अधिकारियों को UPSC की गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“सभी स्थानीय निरीक्षण अधिकारियों ने अपने-अपने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर आयोग की गाइडलाइन के अनुरूप तैयारियों की समीक्षा की है और रिपोर्ट आयुक्त कार्यालय को सौंप दी है।”






