लखीसराय/रांची: बिहार के लखीसराय में आयोजित NEET री-एग्जाम के दौरान पकड़े गए सॉल्वर गैंग की जांच में झारखंड कनेक्शन सामने आया है। गिरिडीह और पलामू की दो महिला अभ्यर्थियों का नाम इस नेटवर्क से जुड़ा पाया गया है। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है।
दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ी गईं
जानकारी के अनुसार, पलामू के हरिहरगंज की रहने वाली एक महिला अभ्यर्थी चंचल को लखीसराय में उस समय पकड़ा गया, जब वह किसी अन्य छात्रा की जगह परीक्षा दे रही थी। बायोमेट्रिक जांच के दौरान उसकी पहचान उजागर हो गई और उसे मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया।
गिरिडीह जिले के बिरनी थाना क्षेत्र की रहने वाली दूसरी अभ्यर्थी पूनम पर भी इसी तरह के आरोप हैं। वह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की छात्रा बताई जा रही है और बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है।
मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी आरोपी
पलामू की अभ्यर्थी ओडिशा के गवर्नमेंट आयुर्वेदिक कॉलेज में बीएएमएस की छात्रा है और उसका कोर्स अंतिम वर्ष में था। बताया जाता है कि उसने मैट्रिक और इंटरमीडिएट में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था और टॉपर रही थी।
परिवार को नहीं थी जानकारी
पलामू की छात्रा के पिता, जो पेशे से किसान हैं, ने बताया कि उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी बाद में मिली। उनका कहना है कि बेटी का मोबाइल पिछले तीन दिनों से बंद है। सूचना मिलने के बाद उनका बेटा बिहार के लिए रवाना हुआ है।
सीमावर्ती क्षेत्र से जुड़ा मामला
हरिहरगंज इलाका बिहार की सीमा से सटा हुआ है। यह क्षेत्र पहले नक्सल प्रभावित रहा है। ऐसे में जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के विस्तार और अन्य संभावित कड़ियों की भी पड़ताल कर रही हैं।
सॉल्वर गैंग पर कड़ी नजर
जांच एजेंसियां इस मामले को बड़े संगठित नेटवर्क के रूप में देख रही हैं, जिसमें दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने के लिए लोगों को पैसे देकर बैठाया जाता है। बायोमेट्रिक सत्यापन के कारण इस मामले का खुलासा हो सका।
फिलहाल, पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हैं और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।






