रांची, 21 अगस्त । JSSC-CGL परीक्षा और उससे जुड़ी नियुक्तियों को रद्द किए जाने के विरोध में चयनित अभ्यर्थियों का आंदोलन शुक्रवार को लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। रांची के धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन के मुख्य द्वार के पास बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने जुटकर सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।
हाईकोर्ट में भी पहुंचा मामला
चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी नियुक्तियां रद्द किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। झारखंड हाईकोर्ट ने जेएसएससी-सीजीएल (JSSC CGL) परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी है. इस खबर से चयनित अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
नवनियुक्त अधिकारियों ने भावुक होकर जमीन को चूम लिया। इसके बाद सभी अभ्यर्थियों ने एक सुर में राष्ट्रगान गाकर अपनी खुशी और कृतज्ञता व्यक्त की। साथ ही सचिवालय के मुख्य द्वार के सामने अभ्यर्थियों ने जमकर जश्न मनाया और एक-दूसरे को गले लगाकर बधाइयां दी।

एक ओर जहां अभ्यर्थियों ने कानूनी लड़ाई शुरू कर दी है, वहीं दूसरी ओर सड़क पर उतरकर भी अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे और न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेंगे।

बोले- मेहनत से मिली है नौकरी
प्रोजेक्ट भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे चयनित अभ्यर्थियों ने कहा कि वे कड़ी मेहनत और अपनी योग्यता के आधार पर परीक्षा में सफल हुए हैं और विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। ऐसे में नियुक्तियां रद्द किए जाने के फैसले से उनके भविष्य पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
सेवा सुरक्षा और आजीविका की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि बिना किसी ठोस आधार के उनकी नौकरी और भविष्य के साथ खिलवाड़ करना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से सेवा सुरक्षा और आजीविका सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।






