रांची, 09 जुलाई । झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की एकलपीठ ने गुरुवार को माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े एक मामले में अहम अंतरिम आदेश पारित किया। अदालत ने विशेष शिक्षा विषय के तीन पद याचिकाकर्ताओं के लिए सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।
उत्तर कुंजी पर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता शुभम मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि परीक्षा की उत्तर कुंजी में कई त्रुटियां हैं और अभ्यर्थियों द्वारा दर्ज आपत्तियों की अनदेखी की गई है। अदालत ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया।
जेएसएससी ने रखा अपना पक्ष
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से अधिवक्ता संजय पीपलवाल और अधिवक्ता प्रिंस कुमार ने कोर्ट में पक्ष रखा और आयोग का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
120 प्रश्नों के उत्तर पर विवाद
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि परीक्षा में लगभग 120 प्रश्न ऐसे थे, जिनके उत्तर उन्होंने सही दिए थे, लेकिन आयोग द्वारा जारी उत्तर कुंजी में उन्हें गलत मान लिया गया।
आपत्तियों के बावजूद जारी हुई अंतिम उत्तर कुंजी
अभ्यर्थियों ने समय रहते संबंधित प्रश्नों पर विधिवत आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन आरोप है कि आयोग ने उन पर उचित विचार किए बिना ही अंतिम उत्तर कुंजी प्रकाशित कर दी, जिससे परिणाम प्रभावित हुआ।
अंतरिम राहत के तहत 3 पद सुरक्षित
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत प्रदान करते हुए विशेष शिक्षा विषय के तीन पद याचिकाकर्ताओं के लिए सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।
आगे की सुनवाई पर टिकी नजर
अब इस मामले में आगे की सुनवाई और अंतिम निर्णय पर अभ्यर्थियों की नजर टिकी हुई है।






