पटना: बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar को Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। इस संबंध में राज्य के गृह विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। आदेश के मुताबिक, यह सुरक्षा व्यवस्था उन्हें मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए और पद छोड़ने के बाद भी जारी रहेगी।
गृह विभाग द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नीतीश कुमार को यह सुरक्षा Bihar Special Security Act 2000 के तहत दी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था लागू करने के लिए पुलिस महानिदेशक (DGP) और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं।
दरअसल, नीतीश कुमार हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। 16 मार्च 2026 को वे निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता से 30 मार्च को इस्तीफा दे दिया। अब वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा देकर राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इसी परिप्रेक्ष्य में उनकी सुरक्षा की समीक्षा की गई और उन्हें Z+ सुरक्षा देने का निर्णय लिया गया।
Z+ श्रेणी देश की सबसे उच्च सुरक्षा श्रेणियों में से एक मानी जाती है। इस स्तर की सुरक्षा में लगभग 36 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के कमांडो के साथ-साथ Central Reserve Police Force, आईटीबीपी और राज्य पुलिस के जवान शामिल होते हैं। इसके अलावा, सुरक्षा काफिले में एस्कॉर्ट वाहन और अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था भी होती है।
गौरतलब है कि भारत में वीआईपी सुरक्षा को अलग-अलग श्रेणियों—X, Y, Z और Z+—में बांटा गया है। इनमें Z+ सबसे उच्च स्तर की सुरक्षा होती है, जो केवल चुनिंदा वीआईपी और संवेदनशील व्यक्तियों को दी जाती है।
नीतीश कुमार का यह राजनीतिक सफर भी खास माना जा रहा है, क्योंकि वे देश के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं जिन्होंने लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद—चारों सदनों का प्रतिनिधित्व किया है। ऐसे में उनके राजनीतिक महत्व और सुरक्षा जोखिम को देखते हुए सरकार ने यह अहम फैसला लिया है।






