किशनगंज, 21 अगस्त । कोचाधामन थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय उमर आलम हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर उद्भेदन करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में आइसक्रीम ट्रॉली पर आइसक्रीम बेचने वाले बादशाह रियासत को बहादुरगंज थाना क्षेत्र के एलआरपी चौक से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की है। उसकी निशानदेही पर खून लगी पेड़ की टहनी, बिजली का तार और घटना के समय पहना हुआ खून लगा कपड़ा बरामद किया गया है।
नहर में मिला था 12 वर्षीय बालक का शव
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने शुक्रवार को कार्यालय में प्रेसवार्ता कर बताया कि 19 अगस्त की सुबह सुंदरबाड़ी-दांती बस्ती के बीच कलवट के पास नहर से 12 वर्षीय उमर आलम का शव बरामद हुआ था। मृतक के पिता नदीम के आवेदन पर कोचाधामन थाने में कांड संख्या 437/26 दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने किशनगंज एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर लगातार छापेमारी की। इस दौरान कई लोगों से पूछताछ के साथ सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की गई। इसके बाद 20 अगस्त को पुलिस ने बादशाह रियासत को गिरफ्तार कर लिया।
बिक्री के रुपये को लेकर हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 18 अगस्त को वह आइसक्रीम ट्रॉली लेकर सारेगोरा गया था। वहां उमर उसके साथ ट्रॉली को धक्का लगाने के लिए तैयार हो गया। दोनों ने दिनभर साथ में आइसक्रीम बेची।
रात में सुंदरबाड़ी-दांती के बीच कलवट के पास दोनों रुके। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान आरोपी ने नशा किया और बिक्री के रुपये को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। उमर के कथित गाली-गलौज करने के बाद आरोपी ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
पुलिस का कहना है कि उमर के चिल्लाने पर आरोपी ने पेड़ की टहनी, बिजली के तार, बैटरी, एफएम बाजा और कैंची से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को नहर में फेंक दिया।
घटनास्थल से कई सामान बरामद
एफएसएल टीम ने घटनास्थल से बैटरी, एफएम बाजा, कैंची, आइसक्रीम ट्रॉली, चप्पल और जमीन पर गिरे खून के नमूने जब्त किए हैं। पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है।
एसआईटी में कई पुलिस अधिकारी शामिल
छापामारी दल में एसडीपीओ-2 मनोज कुमार सिंह, पुलिस निरीक्षक राम बालेश्वर राय, पुलिस निरीक्षक मो. मुश्ताक, कोचाधामन थानाध्यक्ष ईजहार आलम, पुलिस अवर निरीक्षक सोना कुमार, अरविन्द कुमार, विकास कुमार, सुनील कुमार और सुधीर कुमार समेत जिला आसूचना इकाई के कर्मी, चालक और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।






