पटना, 20 जुलाई । मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत पाटलिपुत्र जंक्शन से 1,150 श्रद्धालुओं के विशेष रेल जत्थे को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ यात्रा के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बिहार की गौरवशाली सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को पुनः प्रतिष्ठित करना हम सभी का संकल्प है।
सोमनाथ और नालंदा के इतिहास का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग एक हजार वर्ष पहले सोमनाथ मंदिर को आक्रांताओं ने लूटा था, वहीं नालंदा विश्वविद्यालय को भी नष्ट कर दिया गया था। उन्होंने याद दिलाया कि 75 वर्ष पूर्व सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ, जिसमें बिहार के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
उन्होंने कहा कि बिहार का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है और अब समय आ गया है कि उसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को फिर से स्थापित किया जाए।
केवल धार्मिक नहीं, सांस्कृतिक चेतना की यात्रा
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि बिहार की सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना का संदेश पूरे देश तक पहुंचाने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि यात्रा के साथ ले जाए जा रहे ध्वज और कलश बिहार की आस्था, स्वाभिमान और सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक हैं। यह यात्रा कई राज्यों से होकर गुजरेगी और श्रद्धालु जहां भी जाएं, वहां बिहार की सांस्कृतिक पहचान और गौरव का संदेश फैलाएं।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं का रखा गया विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सभी आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने सभी यात्रियों से सुरक्षित और सुखद यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए बिहार की समृद्धि, शांति और विकास के लिए प्रार्थना करने का आग्रह किया।
काशी विश्वनाथ के दर्शन का भी किया आग्रह
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान सोमनाथ के आशीर्वाद से गुजरात और देश निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भगवान सोमनाथ की कृपा से बिहार भी विकास, समृद्धि और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए शिखर पर पहुंचेगा।
उन्होंने श्रद्धालुओं से सोमनाथ के साथ-साथ काशी विश्वनाथ के दर्शन कर बिहार के सुख, शांति, समृद्धि और सर्वांगीण विकास के लिए आशीर्वाद प्राप्त करने का भी आग्रह किया।
श्रद्धालुओं से मुलाकात कर जाना हालचाल
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ट्रेन में जाकर श्रद्धालुओं से मिले, उनकी सुविधाओं की जानकारी ली और सुखद यात्रा की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने बिहारवासियों की ओर से श्रद्धालु शोभा सिंह को कलश तथा अजीत कुमार को ध्वज सौंपा।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत आयोजित यह कार्यक्रम श्रद्धा, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव के वातावरण में संपन्न हुआ।






