रांची। झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा की जा रही विभागीय समीक्षा बैठकों को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। जहां एक ओर सरकार इसे प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे महज दिखावा करार दे रहा है।
सरकार का फोकस: सिस्टम सुधार और जवाबदेही
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन दिनों लगभग सभी विभागों की समीक्षा कर रहे हैं।
- अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए
- कई जगह फटकार भी लगाई गई
- लक्ष्य: सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाना
सरकार का कहना है कि इन बैठकों के जरिए प्रशासनिक कमियों को दूर किया जा रहा है।
बाबूलाल मरांडी का हमला
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि
- सरकार को करीब साढ़े छह साल हो चुके हैं
- इस दौरान केवल तीन खदानों की नीलामी हुई
उन्होंने सवाल उठाया कि जब काम कम हुआ है, तो समीक्षा किस बात की हो रही है।
झामुमो का पलटवार
भाजपा के आरोपों पर सत्तारूढ़ झामुमो ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
पार्टी नेता मनोज पांडे ने कहा:
- सरकार जनता के जनादेश से बनी है, भाजपा को खुश करने के लिए नहीं
- समीक्षा बैठकों का उद्देश्य विभागीय कमियों को दूर करना है
- सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए काम कर रही है
उन्होंने यह भी कहा कि इन बैठकों का जनता के बीच सकारात्मक संदेश जा रहा है।
आरोप-प्रत्यारोप से गरमाई राजनीति
झामुमो ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सरकार किसी विशेष वर्ग को संतुष्ट करने के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के हित में काम कर रही है।
वहीं भाजपा लगातार सरकार के कामकाज और नीतियों पर सवाल उठा रही है।
आगे भी जारी रहेगा सियासी संग्राम
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है, खासकर जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं।






