झारखंड में 50.06% मतदाता गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा, 96.68% घरों तक पहुंचे फॉर्म: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी

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रांची, 16 जुलाई । झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत अब तक 96.68 प्रतिशत मतदाताओं तक गणना (इन्यूमरेशन) प्रपत्र पहुंचाए जा चुके हैं, जबकि 50.06 प्रतिशत भरे हुए प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन भी पूरा कर लिया गया है। यह जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने गुरुवार को दी।

उन्होंने बताया कि बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2 के सहयोग से घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं। केवल कुछ मतदाताओं, जिनमें एएसडीडीएफ सूची के मतदाता भी शामिल हो सकते हैं, तक अभी प्रपत्र नहीं पहुंच सके हैं। बड़ी संख्या में मतदाता भरे हुए प्रपत्र बीएलओ को वापस जमा कर रहे हैं, जिनका तेजी से डिजिटाइजेशन किया जा रहा है।

शहरी क्षेत्रों में कम भागीदारी चिंता का विषय

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाता उत्साहपूर्वक प्रपत्र जमा कर रहे हैं, लेकिन शहरी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम भागीदारी देखने को मिल रही है। विशेष रूप से युवा मतदाताओं की कम सहभागिता अभियान के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।

उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में पलायन, सत्यापन के दौरान मतदाताओं का घर पर नहीं मिलना तथा शिक्षा और रोजगार के कारण युवाओं का दूसरे स्थानों पर रहना कम भागीदारी की प्रमुख वजहें हैं।

18 और 20 जुलाई को विशेष शिविर

इन चुनौतियों को देखते हुए 18 और 20 जुलाई को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सभी शहरी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। जिन मतदाताओं ने अभी तक एसआईआर गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं किया है या भरकर जमा नहीं किया है, वे शिविर में पहुंचकर प्रपत्र प्राप्त कर वहीं भरकर जमा कर सकते हैं।

हालांकि जिन मतदाताओं ने पहले ही अपना प्रपत्र बीएलओ के पास जमा कर दिया है या ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं, उन्हें शिविर में आने की आवश्यकता नहीं होगी।

गलत घोषणा करना दंडनीय अपराध

के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि जिन व्यक्तियों ने विदेशी नागरिकता ग्रहण कर ली है या भारतीय नागरिकता त्याग दी है, वे बिना भरे और बिना हस्ताक्षर किए अपना गणना प्रपत्र तत्काल बीएलओ को वापस कर दें।

उन्होंने चेतावनी दी कि गणना प्रपत्र में गलत घोषणा कर हस्ताक्षर करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत दंडनीय अपराध है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी पात्र नागरिकों से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से ही शुद्ध, त्रुटिरहित और अद्यतन मतदाता सूची तैयार की जा सकेगी। उन्होंने अभियान का संदेश दोहराते हुए कहा, “कोई पात्र भारतीय नागरिक छूटे नहीं और कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।”

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