ऑकलैंड, 11 जुलाई — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने के ऐतिहासिक निर्णय की घोषणा की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रिकॉर्ड समय में संपन्न मुक्त व्यापार समझौता (FTA) उद्योग, किसानों और युवाओं के लिए नए अवसर खोलेगा और अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की मजबूत नींव रखेगा।
40 वर्षों बाद ऐतिहासिक यात्रा
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन द्वारा आयोजित राजकीय भोज के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चार दशकों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह आधिकारिक यात्रा दोनों देशों के रिश्तों में नए युग की शुरुआत है। उन्होंने गर्मजोशी से स्वागत के लिए न्यूजीलैंड सरकार का आभार व्यक्त किया।
लोकतांत्रिक मूल्यों से मजबूत साझेदारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों में साझा विश्वास भारत और न्यूजीलैंड को स्वाभाविक साझेदार बनाता है। हाल के वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों में तेजी आई है और अब इन्हें ठोस लक्ष्यों और व्यावहारिक सहयोग के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
एफटीए से व्यापार और निवेश को बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार में 50 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है। एफटीए के माध्यम से व्यापार, निवेश, कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे, जिससे आने वाले पांच वर्षों में व्यापार दोगुना होने की संभावना है।
तकनीक और नवाचार में सहयोग
उन्होंने कहा कि दोनों देश केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में भी मजबूत साझेदारी बना रहे हैं। फिनटेक सेक्टर में भारत के UPI और न्यूजीलैंड की भुगतान प्रणाली को जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा।
कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी साझेदारी
प्रधानमंत्री ने बताया कि कृषि, डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में व्यापक सहयोग की रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे किसानों और पशुपालकों को लाभ मिलेगा। साथ ही पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग
उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग को मजबूत करने के लिए नौसैनिक अभ्यास, लॉजिस्टिक सहयोग और हाइड्रोग्राफी के क्षेत्र में तालमेल बढ़ाया जाएगा।
सांस्कृतिक और शैक्षणिक संबंधों को बढ़ावा
दोनों देशों के बीच हुए सांस्कृतिक सहयोग समझौते से कला, संस्कृति और रचनात्मक उद्योगों में आदान-प्रदान को नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड के विश्वविद्यालयों को भारत में परिसर स्थापित करने का आमंत्रण भी दिया।
खेल संबंधों की 100वीं वर्षगांठ
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस वर्ष भारत और न्यूजीलैंड अपने खेल संबंधों की 100वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इस अवसर पर दोनों देशों में कई खेल आयोजनों की योजना बनाई गई है और खेल सहयोग को बढ़ाने के लिए संयुक्त कार्ययोजना भी अपनाई गई है।
वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड वैश्विक मंचों पर भरोसेमंद साझेदार हैं। दोनों देश संयुक्त राष्ट्र सहित वैश्विक संस्थाओं में सुधार के पक्षधर हैं और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने के लिए संयुक्त कार्य समूह बनाने पर सहमत हुए हैं।
उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में दोनों देशों की साझेदारी अहम भूमिका निभाएगी।






