पटना, 06 जून: राजधानी पटना में फायर सेफ्टी नियमों को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। इसी क्रम में चर्चित शिक्षक खान सर से जुड़े ‘खान हेल्थ केयर’ अस्पताल को अग्निशमन विभाग ने नोटिस जारी किया है। अस्पताल में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर विभाग ने 15 दिनों के भीतर कमियों को दूर करने का निर्देश दिया है, अन्यथा सीलिंग की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
अग्निशमन विभाग की सख्ती
पटना अग्निशमन विभाग के कमांडेंट रितेश पांडे ने बताया कि निरीक्षण के दौरान अस्पताल में फायर सेफ्टी से जुड़ी कई गंभीर खामियां पाई गईं। इसे देखते हुए अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर 15 दिन का समय दिया गया है।
उन्होंने कहा, “यदि निर्धारित समय के भीतर सभी कमियों को दूर नहीं किया गया, तो अस्पताल को सील कर दिया जाएगा। 10 दिन बाद दोबारा जांच कर स्थिति का आकलन किया जाएगा।”
फायर सेफ्टी जांच अभियान तेज
दिल्ली और मुजफ्फरपुर में अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं के बाद बिहार अग्निशमन विभाग अलर्ट मोड में है। संभावित हादसों को रोकने के लिए पटना में अस्पतालों और होटलों की व्यापक जांच की जा रही है।
60-70 संस्थानों का हुआ निरीक्षण
अग्निशमन विभाग के डीआईजी मनोज कुमार नट के अनुसार, पिछले दो दिनों में लगभग 60 से 70 अस्पतालों और होटलों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान फायर अलार्म सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशमन यंत्र, पानी की उपलब्धता और कर्मचारियों के प्रशिक्षण की जांच की गई।
कई जगह मिली गंभीर लापरवाही
जांच में कई संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया। कहीं अग्निशमन यंत्र खराब स्थिति में थे, तो कहीं आपातकालीन निकास की व्यवस्था अधूरी थी। कई जगह कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन का पर्याप्त प्रशिक्षण भी नहीं मिला था।
पांच अस्पतालों पर कार्रवाई शुरू
डीआईजी ने बताया कि पांच अस्पताल—एडवांस पटना सेंट्रल अस्पताल, आरोग्यवर्धन अस्पताल, पिनेकल अस्पताल, श्याम ट्रस्टेड रिसर्च अस्पताल और अपेक्स अस्पताल—में गंभीर खामियां पाई गईं, जिसके बाद इनके खिलाफ सीलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सुरक्षा से समझौता नहीं
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई का उद्देश्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, न कि किसी संस्था को दंडित करना।
जन सुरक्षा सर्वोपरि
अस्पताल और होटल जैसे स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहते हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए सभी संस्थानों को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुजफ्फरपुर की घटना: बिहार के मुजफ्फरपुर में प्रसाद हॉस्पिटल में आग लगने से कुल 7 लोगों की मौत हो गयी है। आग अस्पताल के आईसीयू वार्ड में लगी थी। मरने वालों में शशांक कुमार (औराई, मुजफ्फरपुर), उदय कुमार (विशंभरपुर, शिवहर), कृष्णनंदन सिंह (गौरीगामा, मुजफ्फरपुर), गीता देवी (दिसतौनी, कथैया, मुजफ्फरपुर), चंचला वर्मा (रूपौली, सीतामढ़ी), बृजनंदन राय (मनियारी, मुजफ्फरपुर), अंजनी कुमार सिंह शामिल हैं।






