बिजनौर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है और मां तथा संतान के रिश्ते को किसी सरकारी घोषणा की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर चल रही बहस अनावश्यक है, क्योंकि गाय पहले से ही भारतीय आस्था और संस्कारों का अभिन्न हिस्सा है।
मुख्यमंत्री सोमवार को बिजनौर जिले के आलमपुर गांवड़ी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
1645 विस्थापित परिवारों को मिला भूमि स्वामित्व अधिकार
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान से आए 1645 विस्थापित परिवारों तथा 50 पूर्व सैनिकों और लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किए। इससे लाभार्थियों को कृषि भूमि पर वैधानिक स्वामित्व प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1947-48 में पाकिस्तान में कट्टरपंथियों द्वारा जिन परिवारों की संपत्तियों पर कब्जा कर लिया गया था, आज उन विस्थापितों को भूमि का मालिकाना हक दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शेष पात्र परिवारों को भी अगले चरण में भूमि अधिकार प्रदान किए जाएंगे।
“गाय हमारी माता है”
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ मौलवी और धार्मिक नेता गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन गाय भारतीय संस्कृति में माता के रूप में पूजनीय है।
उन्होंने कहा, “मां और पुत्र के संबंध को किसी घोषणा की आवश्यकता नहीं होती। गाय हमारी माता है, यह हमारे संस्कारों में शामिल है। गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की जरूरत नहीं है, वह स्वयं राष्ट्र माता है।”
गंगा को भी बताया भारतीय संस्कृति की आधारशिला
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस प्रकार गाय भारतीय संस्कृति का हिस्सा है, उसी प्रकार गंगा भी भारतीयों की आस्था और संस्कारों का केंद्र है।
उन्होंने कहा कि जीवन के अधिकांश धार्मिक और सामाजिक संस्कार गंगा के सानिध्य में संपन्न होते हैं, इसलिए यह बताने की आवश्यकता नहीं कि गंगा हमारी मां है।
कट्टरपंथ और विस्थापित हिंदुओं के मुद्दे पर बोले योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हुए अत्याचारों पर बहुत कम आवाज उठाई जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान से आए विस्थापित परिवारों के अधिकारों के लिए किसी मौलवी ने आवाज नहीं उठाई।
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदू आबादी लगातार कम हुई है, लेकिन इस पर पर्याप्त चिंता व्यक्त नहीं की जाती।
कानून व्यवस्था और त्योहारों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सतर्कता और प्रभावी कानून व्यवस्था के कारण आज रामनवमी, शिवरात्रि, होली और दीपावली जैसे पर्व शांतिपूर्ण ढंग से मनाए जा रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि पहले कई धार्मिक आयोजन और यात्राएं कठिन परिस्थितियों में आयोजित होती थीं, लेकिन अब स्थिति में बड़ा बदलाव आया है।
नागरिकता कानून का किया उल्लेख
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के नेतृत्व में ऐसे विस्थापित हिंदू, सिख और बौद्ध परिवारों को नागरिकता और अधिकार देने का मार्ग प्रशस्त हुआ, जो पड़ोसी देशों से भारत आए थे।
उन्होंने कहा कि इसी प्रक्रिया के तहत आज पात्र परिवारों को कृषि भूमि का कानूनी स्वामित्व प्रदान किया जा रहा है।
लाभार्थियों को वितरित किए प्रमाण पत्र और स्वीकृति पत्र
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और स्वयं सहायता समूहों से जुड़े लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, डेमो चेक और प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
इसके अलावा विभिन्न विभागों के 11 प्रेरणादायी लाभार्थियों को सम्मानित किया गया तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित विदुर प्रेरणा कैफे सहित कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया।
कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री Bhupendra Singh, प्रभारी मंत्री Kapil Dev Agarwal, विधायक Sushant Singh समेत कई जनप्रतिनिधि और भाजपा नेता उपस्थित रहे।






