पश्चिमी सिंहभूम, 28 मई । झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सदर प्रखंड परिसर में गुरुवार को मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत चयनित लाभुकों के बीच सुकर वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल
कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को पशुपालन से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना था।
इस मौके पर लालमुनी पुरती, राजश्री सवैया, मंजू देवगम और डॉ पूनम सोरेन मुख्य रूप से उपस्थित रहीं।
सुकर पालन की आधुनिक तकनीकों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने लाभुकों को सुकर पालन की आधुनिक पद्धतियों, उचित देखभाल, संतुलित आहार और मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी दी।
साथ ही पशुओं के नियमित टीकाकरण और स्वच्छ वातावरण में पालन पर विशेष जोर दिया गया।
75 से 90 प्रतिशत अनुदान पर मिला लाभ
योजना के अंतर्गत 75 से 90 प्रतिशत अनुदान पर पांच लाभुकों को सुकर उपलब्ध कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि इससे ग्रामीणों को कम लागत में पशुपालन शुरू करने का अवसर मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होने की उम्मीद है।
इन लाभुकों को मिला योजना का लाभ
योजना के तहत जिन लाभुकों को सुकर वितरित किए गए, उनमें:
- अजीत देवगम (पुराना चाईबासा)
- विजय सिंह सुंडी (करकटा)
- सुगन्धि देवगम (सिंहपोखरिया)
- जानो कुई (पांडवीर)
- गोनो सुंडी (नरसंडा)
शामिल हैं।
ग्रामीणों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में विजय सिंह देवगम, विवेक पूर्ति, शांति देवगम, मनकी देवगम, रमेश सुंडी, सनी देवगम और महांति देवगम सहित कई ग्रामीण और लाभुक मौजूद रहे।
आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण योजना
अधिकारियों ने कहा कि सरकार की यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और पशुपालन को रोजगार के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।






