रांची, 28 मई । भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और अन्य वामदलों ने प्रवर्तन निदेशालय की कथित कार्रवाई और उसके दुरुपयोग के खिलाफ 29 मई से 1 जून तक झारखंडभर में प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
वामदलों ने पिनराई विजयन के खिलाफ हुई ईडी कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है।
“राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बताया
वामदलों की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पिनराई विजयन के घर पर की गई छापेमारी राजनीतिक बदले की कार्रवाई है।
बयान में कहा गया कि भाजपा यह भ्रम न पाले कि इस प्रकार की कार्रवाइयों से वह पिनराई विजयन, उनके आंदोलन या वामपंथी विचारधारा को कमजोर कर सकती है।
“केंद्रीय एजेंसियों का हो रहा दुरुपयोग”
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने गुरुवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पार्टी ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयों के खिलाफ देशभर में मजबूत विरोध उभरेगा।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
वामदलों ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का सहयोग और समर्थन भी मिल रहा है।
बयान में कहा गया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार केरल जाकर यह सवाल उठाते रहे कि प्रवर्तन निदेशालय ने पिनराई विजयन को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया।
वी.डी. सतीशन और दिल्ली की राजनीति का भी जिक्र
वामदलों ने कहा कि वीडी सतीशन की प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के अगले दिन हुई कार्रवाई को भी इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
इसके साथ ही अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दिल्ली में हुई कार्रवाई का उदाहरण देते हुए कहा गया कि वहां भी कांग्रेस के समर्थन से भाजपा और केंद्रीय एजेंसियों ने कार्रवाई की थी।
“राजनीतिक रूप से खत्म करने की कोशिश”
बयान में कहा गया कि पिनराई विजयन को शारीरिक और राजनीतिक रूप से खत्म करने की कोशिश लंबे समय से जारी है।
वामदलों ने कहा कि आपातकाल के दौर से लेकर अब तक उनके खिलाफ कई प्रतिशोधात्मक कार्रवाइयां की गई हैं और यह उसी श्रृंखला का नया अध्याय है।
पूरे राज्य में प्रदर्शन का आह्वान
वामदलों ने रांची समेत पूरे झारखंड में विभिन्न वर्गों से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि सीएमआरएल से जुड़े मामलों की जांच से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन लगातार हो रही कार्रवाइयों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।






