पटना: बिहार में ग्रामीण आवास के क्षेत्र में सरकार ने बड़ी उपलब्धि दर्ज करने का दावा किया है। राज्य में 41 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराया गया है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का नतीजा है।
मंत्री ने बताया कि योजना के तहत गरीब, बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को प्राथमिकता दी गई है, ताकि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल सके। लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए तीन किस्तों में आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे वे चरणबद्ध तरीके से अपने घर का निर्माण पूरा कर सकें।
उन्होंने कहा कि राज्य के अलग-अलग जिलों में आवास निर्माण का काम लगातार जारी है। साथ ही नए पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ा जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि बिहार में कोई भी पात्र परिवार पक्के मकान से वंचित न रहे।
ग्रामीण विकास विभाग के मुताबिक, इस योजना से न सिर्फ लाखों परिवारों को आवास मिला है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। निर्माण कार्यों के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं, जिससे मजदूरों और छोटे कारोबारियों को फायदा हुआ है।
सरकार का कहना है कि योजना के तहत राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जा रही है। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार की आशंका कम हुई है। आने वाले समय में योजना के दायरे को और विस्तार देने की तैयारी भी की जा रही है।
बिहार में 41 लाख से अधिक परिवारों को पक्का मकान मिलना ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जो राज्य के सामाजिक और आर्थिक बदलाव की दिशा में अहम कदम है।





