पटना: दुनिया के कई देशों में इबोला वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए बिहार की राजधानी पटना में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। राजधानी के बड़े सरकारी अस्पतालों में संभावित मरीजों के इलाज और निगरानी को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। फिलहाल राज्य में इबोला वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सतर्कता बरत रहा है।
Patna Medical College and Hospital और Indira Gandhi Institute of Medical Sciences में अलग वार्ड बनाने की तैयारी शुरू की गई है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से गाइडलाइन जारी होते ही पूरी व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने कहा कि फिलहाल कोई संक्रमित मरीज नहीं मिला है, लेकिन अस्पताल हर परिस्थिति के लिए तैयार है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार इबोला वायरस के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, उल्टी और दस्त शामिल हैं। गंभीर स्थिति में आंतरिक रक्तस्राव की भी आशंका रहती है। चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं और लापरवाही न बरतें।
डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि इबोला वायरस हवा से नहीं फैलता, बल्कि संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क या शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थों के संपर्क में आने से संक्रमण होता है। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति से दूरी और सावधानी बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पतालों को भी सतर्क रहने का निर्देश दिया है। सरकार की गाइडलाइन जारी होने के बाद राज्यभर में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।






