रांची : रांची के बड़गाईं अंचल स्थित चेशायर होम रोड के खाता संख्या 37 की जमीन मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी Enforcement Directorate ने जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने मंगलवार को धनंजय तिवारी, अनिल झा और आशीष गोराई समेत पांच अन्य लोगों को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। सभी को ED के जोनल कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है।
जानकारी के अनुसार धनंजय तिवारी, अनिल झा और आशीष गोराई “जामिनी” नाम की कंपनी में महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। जांच एजेंसी को इस कंपनी के वित्तीय लेनदेन और कारोबारी संबंधों का जुड़ाव प्रेम प्रकाश के करीबी माने जाने वाले पुनीत भार्गव से मिला है। बताया जा रहा है कि कंपनी में पुनीत भार्गव के खातों से रकम ट्रांसफर हुई थी।
ED की अब तक की जांच में खाता 37 की जमीन डील में पुनीत भार्गव की भूमिका अहम मानी जा रही है। एजेंसी को संदेह है कि इस पूरी जमीन खरीद-बिक्री में करोड़ों रुपये का निवेश किया गया था।
जांच में सामने आया है कि पुनीत भार्गव ने 6 फरवरी 2021 को राजेश राय से यह जमीन खरीदी थी। इसके करीब दो महीने बाद उन्होंने यही भूखंड 1 करोड़ 80 लाख रुपये में विष्णु अग्रवाल को बेच दिया। हालांकि दस्तावेजों के अनुसार इस सौदे में उन्हें वास्तविक लाभ नहीं हुआ। बताया गया कि राजेश राय को जमीन रजिस्ट्री के एवज में 1 करोड़ 78 लाख 55 हजार 800 रुपये का भुगतान किया गया था, जबकि स्टांप और कोर्ट फीस में करीब 7 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च हुए थे। इस तरह पूरी डील में उन्हें लगभग 5.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
चेशायर होम रोड स्थित यह 60 कट्ठा भूखंड खाता संख्या 37 और प्लॉट संख्या 28 में दर्ज है। फिलहाल जमीन पर विष्णु अग्रवाल का कब्जा बताया जा रहा है, लेकिन Enforcement Directorate ने इस संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है।






