रांची, 19 मई । सुप्रियो भट्टाचार्य ने परिसीमन और चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि परिसीमन के जरिए झारखंड में विधानसभा और लोकसभा सीटों की संख्या बदले बिना निर्वाचन क्षेत्रों के ढांचे में बदलाव किया जा सकता है, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
हरमू स्थित कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य मंगलवार को हरमू स्थित पार्टी के प्रधान कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बीएलओ और माइक्रो ऑब्जर्वरों को सतर्क रहने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि झारखंड का राजनीतिक चरित्र अलग है और यहां लोकतांत्रिक अधिकारों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वोटर डिलीशन को लेकर जताई आशंका
सुप्रियो भट्टाचार्य ने आशंका जताई कि झारखंड में भी वोटर डिलीशन का खेल शुरू हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां भाजपा को समर्थन नहीं मिलता, वहां मतदाताओं के नाम सूची से हटाने की कोशिश की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है और निर्वाचन प्रणाली के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ लोकतंत्र के लिए खतरा बन सकती है।
पश्चिम बंगाल चुनाव का किया जिक्र
पश्चिम बंगाल चुनाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगाल में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जो लोकतंत्र के खिलाफ है।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने दावा किया कि उच्चतम न्यायालय ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं।
महंगाई और ईंधन कीमतों पर केंद्र को घेरा
महंगाई और गिरते रुपये के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि देश में लगातार महंगाई बढ़ रही है। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।






