लातेहार : लातेहार जिले में पेट्रोल और डीजल का संकट लगातार गहराता जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर ईंधन की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। कई जगहों पर पेट्रोल पूरी तरह खत्म हो चुका है, जबकि डीजल भी सीमित मात्रा में दिया जा रहा है।
स्थिति को देखते हुए कई पेट्रोल पंप संचालकों ने बिक्री पर सीमा तय कर दी है। कुछ पंपों पर एक बाइक में सिर्फ 100 रुपये का पेट्रोल दिया जा रहा है, जबकि डीजल वाहनों को अधिकतम 1000 रुपये तक का ही डीजल मिल रहा है।
कई पेट्रोल पंपों पर खत्म हुआ पेट्रोल
जिला मुख्यालय स्थित भारूका पेट्रोल पंप में बुधवार सुबह आठ बजे तक पेट्रोल खत्म हो गया। वहीं Mahuadanr के एक पेट्रोल पंप में ‘तेल नहीं है’ का बोर्ड लगा दिया गया। पंप परिसर को लाल फीते से बैरिकेड कर बंद कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक महुआडांड़ के तीन पेट्रोल पंपों में बीते 24 घंटे के दौरान करीब 36 हजार लीटर पेट्रोल और डीजल की खपत हुई।
घबराहट में लोग करा रहे फुल टैंक
पंप संचालकों के अनुसार, ईंधन संकट की खबर फैलने के बाद लोग घबराहट में ज्यादा मात्रा में तेल भरवा रहे हैं। जो ग्राहक पहले 50 या 100 रुपये का पेट्रोल लेते थे, वे अब वाहन की टंकी फुल करा रहे हैं। इससे खपत अचानक बढ़ गई है और स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है।
एंबुलेंस और कृषि कार्य प्रभावित
पेट्रोल-डीजल की कमी का सबसे ज्यादा असर एंबुलेंस सेवा, यात्री परिवहन और कृषि कार्यों पर पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में किसान डीजल के अभाव में कृषि उपकरणों के संचालन को लेकर परेशान हैं, जबकि सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी प्रभावित होने लगी हैं।
अगर जल्द ही ईंधन की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।






