शहबाज शरीफ और जेडी वेंस की मुलाकात; अमेरिका-ईरान संवाद में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा पाकिस्तान, वैश्विक नजरें वार्ता पर टिकीं
नई दिल्ली/इस्लामाबाद। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की औपचारिक शुरुआत हो गई है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से मुलाकात की। इस बैठक को क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका
पाकिस्तान सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति स्थापित करने के प्रयासों में सहयोग करता रहेगा। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब इस्लामाबाद दोनों देशों के बीच सीधे संवाद को संभव बनाने की कोशिश कर रहा है। यदि यह पहल सफल होती है, तो इसे पाकिस्तान की बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि माना जाएगा।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद
वार्ता के दौरान दोनों देशों के वरिष्ठ नेता और अधिकारी मौजूद रहे।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे—
- स्टीव विटकॉफ,
- जेरेड कुश्नर।
वहीं पाकिस्तान की ओर से—
- विदेश मंत्री इशाक डार,
- गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने बैठक में भाग लिया।
इससे पहले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल से अलग से भी मुलाकात की।
उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी
अमेरिकी टीम की अगुवाई जेडी वेंस कर रहे हैं, जबकि ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची नेतृत्व कर रहे हैं। इन वार्ताओं में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य और कूटनीतिक अधिकारी भी शामिल हैं, जिससे इसकी अहमियत और बढ़ गई है।
सीधे संवाद की संभावना
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान चाहता है कि अमेरिका और ईरान आमने-सामने बैठकर बातचीत करें। शुरुआत में दोनों पक्ष प्रतीकात्मक रूप से हाथ मिलाकर वार्ता शुरू कर सकते हैं या किसी पाकिस्तानी मध्यस्थ की मौजूदगी में चर्चा हो सकती है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बातचीत प्रत्यक्ष होगी या परोक्ष।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा
इन वार्ताओं में कई अहम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है—
- ईरान का परमाणु कार्यक्रम,
- आर्थिक प्रतिबंधों में राहत,
- होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा,
- क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री व्यापार,
- पश्चिम एशिया में शांति बहाली।
ईरान ने लेबनान में जारी हमलों पर चिंता जताते हुए कहा है कि इनका असर वार्ता पर पड़ सकता है। साथ ही उसने अपने फंसे हुए धन की रिहाई और युद्धविराम को भी महत्वपूर्ण शर्त बताया है।
कड़ी सुरक्षा के बीच हो रही वार्ता
इस उच्चस्तरीय बैठक को देखते हुए इस्लामाबाद में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। हजारों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है और प्रमुख क्षेत्रों को सुरक्षित कर दिया गया है।
रवाना होने से पहले जेडी वेंस ने कहा था कि यदि ईरान ईमानदारी से बातचीत करता है तो अमेरिका भी सकारात्मक रुख अपनाएगा, लेकिन किसी तरह की चालाकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दुनिया की नजरें इस्लामाबाद पर
पाकिस्तान खुद को एक निष्पक्ष मध्यस्थ के रूप में प्रस्तुत कर रहा है और उसे उम्मीद है कि यह वार्ता सकारात्मक परिणाम देगी। वैश्विक समुदाय की नजरें इस बैठक पर टिकी हैं, क्योंकि इसके नतीजे पश्चिम एशिया की स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की दिशा तय कर सकते हैं।






