पीएम के कार्यक्रम का हवाला देकर प्रचार से रोकने का आरोप, केंद्र और एजेंसियों पर साधा निशाना
गुवाहाटी/रांची: Hemant Soren ने असम विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का हवाला देकर उन्हें प्रचार करने से रोका गया, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।
एक जनसभा को संबोधित करते हुए सोरेन ने कहा कि Guwahati की धरती ने कभी हार नहीं मानी और संघर्ष इसकी पहचान रही है। उन्होंने कहा, “मुझे जनता के बीच जाने से रोका गया। क्या अब कार्यक्रमों की आड़ में लोकतंत्र को सीमित किया जाएगा?”
‘झुकना नहीं, लड़ना हमारी पहचान’
भावुक और आक्रामक अंदाज में उन्होंने कहा कि उनके पूर्वजों ने उन्हें झुकना नहीं, बल्कि संघर्ष करना सिखाया है। “हम लड़कर ही यहां तक पहुंचे हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे,” उन्होंने कहा।
संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप
सोरेन ने केंद्र पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं के खिलाफ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।
सामाजिक एकजुटता पर जोर
असम के सामाजिक समीकरणों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी, दलित, पिछड़ा और चाय बागान के मजदूर अब जाग चुके हैं। उन्होंने समर्थकों से एकजुट होकर चुनाव में भाग लेने की अपील की।
सोरेन ने कहा कि जेएमएम का ‘तीर-धनुष’ केवल चुनाव चिन्ह नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और पहचान का प्रतीक है। उन्होंने मतदाताओं से 9 अप्रैल को होने वाले मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और अपने अधिकारों के लिए वोट करने की अपील की।





