पुराने चेहरों के साथ नए मंत्रियों को भी मिल सकता है मौका
पटना: बिहार की नई सरकार में अब मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में कैबिनेट का पहला विस्तार 7 मई को होने जा रहा है। यह कार्यक्रम गांधी मैदान में आयोजित किया जाएगा, जहां प्रशासन ने बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
पीएम मोदी और अमित शाह के शामिल होने की संभावना
कैबिनेट विस्तार समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की चर्चा है। उनके संभावित दौरे को देखते हुए गांधी मैदान में हेलीपैड तक बनाए जा रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है।
शपथ ग्रहण में नहीं आए थे पीएम
15 अप्रैल को हुए शपथ ग्रहण समारोह में नरेंद्र मोदी के आने की उम्मीद थी, लेकिन वे शामिल नहीं हो सके थे। ऐसे में अब कैबिनेट विस्तार कार्यक्रम में उनके शामिल होने को लेकर राजनीतिक हलकों में खास चर्चा है। बताया जा रहा है कि दिल्ली दौरे के दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने अमित शाह समेत कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की और विस्तार को हरी झंडी मिल चुकी है।
किस पार्टी से कितने मंत्री?
सूत्रों के अनुसार संभावित फॉर्मूला इस प्रकार हो सकता है:
- भाजपा: 15 मंत्री
- जदयू: 14 नए मंत्री (पहले से मौजूद उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव समेत कुल 16)
- सहयोगी दल:
- लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) (चिराग पासवान गुट) से 2
- हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा से 1
- राष्ट्रीय लोक मोर्चा से 1
पुराने और नए चेहरों का संतुलन
कैबिनेट विस्तार में अनुभवी नेताओं को प्राथमिकता मिलने की संभावना है। जदयू से डॉ. अशोक चौधरी, श्रवण कुमार, लेशी सिंह, मदन सहनी और मो. जमा खान जैसे नाम चर्चा में हैं। वहीं भाजपा से मंगल पांडेय, डॉ. दिलीप जायसवाल, नीतीश मिश्रा और प्रमोद कुमार संभावित सूची में बताए जा रहे हैं। कुछ नए चेहरों को भी मौका मिल सकता है।
सीएम का आज का कार्यक्रम
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज मुंगेर और खगड़िया का दौरा करेंगे। इस दौरान वे धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ-साथ विकास परियोजनाओं की समीक्षा भी करेंगे।
कैबिनेट विस्तार को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज है और 7 मई का दिन कई नए राजनीतिक समीकरण तय कर सकता है।






