बिहार सरकार का बड़ा फैसला, उच्च शिक्षा हर प्रखंड तक पहुंचाने की तैयारी
पटना: बिहार में उच्च शिक्षा के विस्तार को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने निर्देश दिया है कि राज्य के 211 ऐसे प्रखंडों में, जहां अब तक डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां 1 जुलाई 2026 से पढ़ाई शुरू कराई जाए। इससे ग्रामीण और दूरदराज इलाकों के छात्रों को अपने क्षेत्र में ही स्नातक स्तर की पढ़ाई की सुविधा मिल सकेगी।
लोक सेवक आवास ‘संकल्प’ में आयोजित उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में विभाग के सचिव राजीव रौशन ने योजनाओं और विश्वविद्यालयों की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा तक छात्रों की आसान पहुंच सरकार की प्राथमिकता है और तय समयसीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी की जाएं।
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि कॉलेज निर्माण के लिए जिन लोगों ने जमीन दान दी है, उनके नाम पर संस्थानों का नामकरण किया जाएगा। इससे शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बैठक में मुख्यमंत्री बालिका स्नातक प्रोत्साहन योजना, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, परीक्षा परिणाम आधारित अनुदान, शुल्क माफी और राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। साथ ही विश्वविद्यालयों में खाली प्रशासनिक पदों और शैक्षणिक व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई।
सरकार का मानना है कि इस पहल से छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। खासकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के हजारों छात्र-छात्राओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। 1 जुलाई 2026 से इन कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है।






