पटना। बिहार की राजधानी पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड आवास को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। राज्य सरकार द्वारा आवास का पुनः आवंटन किए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वह किसी भी परिस्थिति में यह आवास खाली नहीं करेंगी।
दिल्ली से पटना लौटने के बाद मीडिया से बातचीत में राबड़ी देवी ने कहा कि 10 सर्कुलर रोड आवास खाली करने का कोई सवाल ही नहीं उठता और उनका परिवार इस घर को नहीं छोड़ेगा।
राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है आवास
करीब दो दशकों से 10 सर्कुलर रोड आवास बिहार की राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की कई महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधियां, बैठकें और रणनीतिक निर्णय इसी आवास से संचालित होते रहे हैं।
राजद नेताओं का कहना है कि यह केवल एक सरकारी आवास नहीं, बल्कि पार्टी के राजनीतिक इतिहास और विरासत का अहम हिस्सा है। यही कारण है कि राबड़ी देवी और उनका परिवार इसे छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं।
सरकार ने किया नया आवंटन
विवाद उस समय और बढ़ गया जब राज्य सरकार ने 29 मई को 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास को डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री नंदकिशोर राम के नाम आवंटित कर दिया।
भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार आवास का नया आवंटन सुनिश्चित किया गया है। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर नए आवंटी को आवास का कब्जा सौंपने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
सत्ता परिवर्तन के बाद शुरू हुआ विवाद
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव हुए। नई सरकार के गठन के बाद पूर्व मुख्यमंत्रियों और अन्य नेताओं को आवंटित सरकारी आवासों की समीक्षा की गई।
इसी प्रक्रिया के तहत 10 सर्कुलर रोड आवास खाली करने का निर्देश जारी किया गया, जिसके बाद यह विवाद सामने आया।
राजनीतिक टकराव के आसार
राबड़ी देवी के आवास खाली न करने के बयान के बाद सत्ता पक्ष और राजद के बीच टकराव की स्थिति बनती दिख रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल एक सरकारी आवास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे सत्ता परिवर्तन के बाद की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और प्रतीकात्मक राजनीति भी जुड़ी हुई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।






