Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

होटवार जेल यौन शोषण मामला: हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के जवाब पर जताई नाराजगी

Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

Share

रांची, 08 जून— रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में एक महिला बंदी के गर्भवती होने और कथित यौन शोषण के मामले में झारखंड उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य सरकार के जवाब और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा दायर शपथ-पत्रों पर असंतोष व्यक्त करते हुए पीड़िता की मेडिकल बोर्ड रिपोर्ट और न्यायिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 जून को होगी।

राज्य सरकार के जवाब पर असंतोष
मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से दाखिल जवाब को अपर्याप्त बताया। अदालत ने कहा कि प्रस्तुत जवाब मामले को टालने का प्रयास प्रतीत होता है। साथ ही डीजीपी और आईजी स्तर के अधिकारियों द्वारा दायर शपथ-पत्रों पर भी नाराजगी जताई।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

मेडिकल रिपोर्ट नहीं देने पर उठाए सवाल
न्यायालय ने पूछा कि मामले की गंभीरता के बावजूद अब तक मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट क्यों प्रस्तुत नहीं की गई। अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि इस मामले को केवल आईजी (कारा) स्तर का विषय बताकर जिम्मेदारी से नहीं बचा जा सकता।

मेडिकल बोर्ड और न्यायिक जांच रिपोर्ट तलब
उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि पीड़िता की मेडिकल बोर्ड रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा रांची के जुडिशियल कमिश्नर से न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की जा रही न्यायिक जांच की रिपोर्ट भी मांगी गई है।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

तीन सदस्यीय समिति कर रही जांच
पिछली सुनवाई में राज्य सरकार ने बताया था कि गृह विभाग ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में निदेशक प्रशासन मनोज कुमार, सहायक कारा निरीक्षक तुषार रंजन गुप्ता और प्रोवेशन पदाधिकारी चंद्रमोली सिंह को शामिल किया गया है।

स्वतंत्र न्यायिक जांच भी जारी
रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की रिपोर्ट के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रुति सोरेन द्वारा स्वतंत्र न्यायिक जांच की जा रही है। अदालत ने इस जांच की प्रगति और रिपोर्ट भी रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

नेता प्रतिपक्ष द्वारा उठाया गया था मामला
यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे सार्वजनिक रूप से उठाया था। इसके बाद झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की थी।

रिपोर्टों पर टिकी निगाहें
विशेष जांच टीम ने पीड़िता, जेल में कार्यरत पैरा लीगल वॉलंटियर और जेल चिकित्सक के बयान दर्ज किए थे। इसके अलावा जिला प्रशासन और कारा महानिरीक्षक स्तर पर भी अलग-अलग जांच कराई गई है। अब सभी की निगाहें मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और न्यायिक जांच के निष्कर्षों पर टिकी हैं, जिनके आधार पर अदालत आगामी सुनवाई में आगे की कार्रवाई तय कर सकती है।

Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031