भागलपुर में बाढ़ का कहर: श्रीरामपुर रिंग बांध टूटा; अकबरनगर के कई गांवों में घुसा पानी, 7 हजार से अधिक आबादी प्रभावित

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भागलपुर, 07 सितंबर । जिले के अकबरनगर और आसपास के इलाकों में गंगा नदी के बढ़े जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। पानी के भारी दबाव के कारण श्रीरामपुर रिंग बांध टूट गया, जिससे पूरा श्रीरामपुर गांव जलमग्न हो गया है। बांध टूटने के बाद आसपास के कई गांवों में भी बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। इससे सात हजार से अधिक लोगों के प्रभावित होने की बात सामने आई है।

बांध टूटते ही गांव में मची अफरा-तफरी

श्रीरामपुर रिंग बांध टूटने के बाद ग्रामीण इलाकों में अचानक अफरा-तफरी मच गई। घरों में तेजी से पानी प्रवेश करने के बाद ग्रामीण अपनी जान बचाने के साथ जरूरी सामान समेटकर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे।

कई परिवारों ने घरों की छतों पर शरण ले रखी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग राहत शिविरों या मुख्य सड़कों की ओर पलायन कर रहे हैं।

लगातार बढ़ रहा था बांध पर पानी का दबाव

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पिछले कई दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही थी। इसके कारण रिंग बांध पर पानी का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। रविवार सुबह ग्रामीणों ने बांध पर बढ़ते दबाव को देखते हुए अपने स्तर से उसे बचाने का प्रयास भी किया।

दोपहर में आई बड़ी दरार, तेज बहाव में ध्वस्त हुआ बांध

ग्रामीणों के मुताबिक दोपहर होते-होते रिंग बांध में अचानक बड़ी दरारें पड़ गईं। पानी के तेज बहाव के कारण कुछ ही समय में बांध पूरी तरह टूट गया और पानी श्रीरामपुर गांव समेत आसपास के इलाकों में तेजी से फैलने लगा।

ग्रामीणों ने प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप

ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बांध पर बढ़ते खतरे को लेकर अधिकारियों को समय रहते सूचना दी गई थी, लेकिन बांध की सुरक्षा या मरम्मत के लिए समय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते बांध को सुरक्षित करने के उपाय किए जाते तो हजारों लोगों को इस संकट का सामना नहीं करना पड़ता।

सुरक्षित ठिकानों की तलाश में लोग

फिलहाल प्रभावित इलाकों में लोग अपने स्तर पर सुरक्षित स्थानों की तलाश कर रहे हैं। कई परिवार ऊंचे स्थानों और मुख्य सड़कों की ओर जा रहे हैं। प्रभावित ग्रामीणों को अब प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान शुरू होने का इंतजार है।

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