नई दिल्ली, 13 मई। भारत के पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद की जयंती पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक एक्स हैंडल पर साझा पोस्ट में कहा गया कि राष्ट्रपति ने पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद की जयंती पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
नितिन गडकरी और कांग्रेस नेताओं ने भी किया नमन
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी एक्स पोस्ट के जरिए फखरुद्दीन अली अहमद को जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि दी।
वहीं कांग्रेस सांसद डॉ सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि फखरुद्दीन अली अहमद का राष्ट्र के प्रति समर्पण और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
स्वतंत्रता संग्राम में निभाई थी सक्रिय भूमिका
फखरुद्दीन अली अहमद भारत के पांचवें राष्ट्रपति थे। उनका जन्म 13 मई 1905 को दिल्ली में हुआ था। पेशे से वकील रहे अहमद ने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी निभाई थी और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।
नेहरू के करीबी सहयोगी रहे
जवाहरलाल नेहरू के करीबी सहयोगियों में शामिल फखरुद्दीन अली अहमद ने असम से अपनी राजनीतिक पारी शुरू की। वह कई बार सांसद चुने गए और केंद्र सरकार में शिक्षा, उद्योग, कृषि तथा सिंचाई एवं ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली।
आपातकाल के दौरान थे राष्ट्रपति
वह वर्ष 1974 से 1977 तक भारत के राष्ट्रपति रहे। उनके कार्यकाल के दौरान ही 1975 में देश में आपातकाल लागू किया गया था। 11 फरवरी 1977 को कार्यकाल के दौरान ही उनका निधन हो गया था।
शिक्षा और उर्दू भाषा के लिए भी योगदान
उनकी स्मृति में उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 1976 में फखरुद्दीन अली अहमद मेमोरियल समिति का गठन किया था। यह समिति उर्दू, अरबी और फारसी के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और स्वर्ण पदक प्रदान करती है। साथ ही उर्दू भाषा और साहित्य के शोध कार्यों को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है।






