Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

माध्यमिक आचार्य भर्ती में तकनीकी गड़बड़ी का मामला, झारखंड उच्च न्यायालय ने जेएसएससी से मांगा जवाब

Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

Share

रांची, 22 जून। माध्यमिक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया (विज्ञापन संख्या-02/2025) से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में झारखंड उच्च न्यायालय ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) से जवाब तलब किया है। न्यायालय ने आयोग को मामले से संबंधित स्पष्ट जानकारी और निर्देशों के साथ अगली सुनवाई में उपस्थित होने को कहा है।

न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अभ्यर्थियों की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और तकनीकी खामियों का मुद्दा उठाया गया।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

30 जून को होगी अगली सुनवाई

अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जेएसएससी से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। न्यायालय ने आयोग को आवश्यक जानकारी जुटाकर अगली सुनवाई में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 30 जून को निर्धारित की गई है।

उत्तर कुंजी और रिस्पॉन्स शीट नहीं मिलने का आरोप

याचिका उन अभ्यर्थियों की ओर से दायर की गई है जिन्होंने माध्यमिक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में भाग लिया था। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा के बाद आयोग की वेबसाइट पर लॉगिन करने के बावजूद वे अपनी उत्तर कुंजी (आंसर-की) और रिस्पॉन्स शीट नहीं देख सके।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

उनका कहना है कि पोर्टल पर लगातार “यूजर डज नॉट एग्जिस्ट” का संदेश दिखाई देता रहा, जिसके कारण वे अपने परीक्षा संबंधी विवरण तक पहुंच नहीं बना सके।

आपत्ति दर्ज कराने के अधिकार से वंचित हुए अभ्यर्थी

याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर कुंजी और रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके कारण वे निर्धारित समय सीमा के भीतर उत्तर कुंजी पर आपत्ति दर्ज कराने के अपने वैधानिक अधिकार का उपयोग नहीं कर सके।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

अभ्यर्थियों का दावा है कि आयोग की तकनीकी विफलता का सीधा असर उनकी चयन प्रक्रिया पर पड़ा और उन्हें उचित अवसर नहीं मिल सका।

दस्तावेज सत्यापन के लिए भी नहीं बुलाए जाने का आरोप

याचिकाकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में उन्हें दस्तावेज सत्यापन (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) के लिए भी आमंत्रित नहीं किया गया। इससे उनकी उम्मीदवारी प्रभावित हुई और वे चयन प्रक्रिया के अगले चरण से बाहर हो गए।

अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि समय पर उत्तर कुंजी और रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध कराई जाती तथा आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलता, तो चयन प्रक्रिया में उनकी स्थिति अलग हो सकती थी।

आयोग से मांगा विस्तृत स्पष्टीकरण

सुनवाई के दौरान अदालत ने पूछा कि आखिर किन कारणों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर कुंजी और रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध नहीं हो सकी। साथ ही न्यायालय ने यह भी जानना चाहा कि प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए आयोग ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।

अब इस मामले में सभी की नजर 30 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी है, जब जेएसएससी को अपना पक्ष अदालत के समक्ष रखना होगा।

Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930