पटना। बिहार में ‘भारत की जनगणना-2027’ का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को पटना स्थित सचिवालय से माउस क्लिक कर औपचारिक शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने राज्यवासियों से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
डिजिटल और स्व-गणना आधारित नई पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना सुशासन की आधारशिला है, जो आने वाले वर्षों में विकास योजनाओं, नीतियों और कल्याणकारी कार्यक्रमों के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 तकनीकी दृष्टि से ऐतिहासिक पहल है, जिसमें पहली बार पूरी तरह डिजिटल डेटा संग्रहण और स्व-गणना की सुविधा दी गई है। यह सुविधा 17 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी।
दो चरणों में होगा जनगणना कार्य
उन्होंने जानकारी दी कि पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक किया जाएगा।
नागरिकों से भागीदारी की अपील
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्व-गणना के माध्यम से या प्रगणकों को सहयोग देकर इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि सटीक, समावेशी और विश्वसनीय आंकड़े ही बेहतर योजनाओं की नींव रखते हैं।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनगणना-2027 बिहार और देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करेगी।






