बिहार के पूर्णिया और किशनगंज जिले के सात युवक नौकरी की तलाश में दुबई गए, लेकिन वहां पहुंचने के बाद कथित तौर पर मुसीबत में फंस गए हैं। युवकों के परिजनों के मुताबिक, नौकरी के लिए विदेश भेजने वाले एजेंट ने उनसे पैसे लिए थे और दुबई पहुंचने के बाद उन्हें काम मिलने की उम्मीद थी।
आरोप है कि दुबई पहुंचने के बाद युवकों के पासपोर्ट अपने पास रख लिए गए। इसके बाद युवकों को काम और रहने की व्यवस्था को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ा। युवकों ने अपनी स्थिति की जानकारी परिजनों को दी और सुरक्षित भारत वापसी के लिए मदद की गुहार लगाई।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद पूर्णिया और किशनगंज में युवकों के परिवारों की चिंता बढ़ गई है। परिजन लगातार युवकों के संपर्क में रहने की कोशिश कर रहे हैं। परिवारों की मांग है कि संबंधित अधिकारी मामले में हस्तक्षेप कर युवकों को सुरक्षित भारत वापस लाने की पहल करें।
बताया जा रहा है कि विदेश में रोजगार के लिए जाने वाले युवाओं को कई बार एजेंटों के माध्यम से नौकरी का भरोसा दिया जाता है। ऐसे मामलों में नौकरी, कंपनी और वीजा से जुड़ी जानकारी की पूरी जांच जरूरी होती है।
फिलहाल सातों युवकों की सुरक्षित वापसी सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। परिजनों को उम्मीद है कि प्रशासन और संबंधित एजेंसियां मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेंगी और युवकों को जल्द सुरक्षित वापस लाने का रास्ता निकलेगा।
मामले में युवकों द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक स्तर पर पुष्टि और विस्तृत जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





