नई दिल्ली, 07 सितंबर । दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस स्थित सत्य निकेतन कॉलोनी में भवन गिरने की घटना के मामले में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के दक्षिण क्षेत्र के उपायुक्त समेत पांच अधिकारियों को सोमवार को निलंबित कर दिया गया। रविवार को हुए इस हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है।
दक्षिण क्षेत्र के उपायुक्त समेत पांच अधिकारी निलंबित
निलंबित अधिकारियों में दक्षिण क्षेत्र के उपायुक्त राकेश कुमार, अधीक्षण अभियंता रणवीर सिंह, कार्यकारी अभियंता (भवन) ललित कुमार गोयल, सहायक अभियंता (भवन) सुनील चौहान और कनिष्ठ अभियंता (भवन) आशीष कुमार शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने फिर किया घटनास्थल का दौरा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को एक बार फिर घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बचाव, राहत और सुरक्षा संबंधी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने घटनास्थल के निरीक्षण और प्रारंभिक आकलन के आधार पर हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
लापरवाही सामने आने पर अन्य अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भवनों और निर्माण कार्यों से जुड़ी ऐसी किसी भी स्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा, जिससे लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि जांच जारी है और यदि इसमें अन्य अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
सार्वजनिक इस्तेमाल वाले भवनों का संरचनात्मक ऑडिट होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार एमसीडी के साथ मिलकर ऐसी नीति तैयार करने की दिशा में काम कर रही है, जिसके तहत सार्वजनिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाली इमारतों का समय-समय पर संरचनात्मक ऑडिट और भवन सुरक्षा प्रमाणन अनिवार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पीजी, नर्सिंग होम, स्कूल या किसी अन्य संस्थान के रूप में इस्तेमाल होने वाली इमारतों में भवन की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना सार्वजनिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अवैध निर्माणों पर निगरानी का सिस्टम बनेगा
मुख्यमंत्री ने दिल्ली के सांसदों, विधायकों और पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्रों में हो रहे अवैध निर्माणों पर नजर रखने और उनकी जानकारी संबंधित विभाग को देने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन अवैध भवनों की निगरानी के लिए एक व्यवस्था विकसित की जाएगी। ऐसी शिकायतों की निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी की जाएगी।
आसपास के संवेदनशील भवनों की भी जांच के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्रवाई केवल हादसे वाले स्थल तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। आसपास के सभी संवेदनशील भवनों और पीजी की भी गहन जांच की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
बेसमेंट में पानी भरने से पिलर कमजोर होने की प्रारंभिक जानकारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पुरानी इमारत के बेसमेंट में पानी भरने के कारण उसके पिलर कमजोर हो गए और इसके बाद पूरी इमारत ढह गई। उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसकी जवाबदेही तय की जाएगी और उसके खिलाफ कानून के कठोर प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी।
प्रभावित छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया
मुख्यमंत्री ने बताया कि हादसे से प्रभावित छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर अन्य कॉलेजों के छात्रावासों में ठहराया गया है। सरकार उनकी आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रख रही है। हादसे में घायल छात्रों के परिजनों के साथ भी सरकार लगातार संपर्क में है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
जनप्रतिनिधियों से अवैध निर्माण की शिकायत करने की अपील
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्रों में हो रहे अवैध निर्माणों पर नजर रखें और संबंधित विभाग को इसकी सूचना दें। उन्होंने कहा कि नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।






