वेंकटचलम में बोले योगी आदित्यनाथ- नई पीढ़ी ग्लोबल के साथ अपनी जड़ों से भी जुड़े, उनके हृदय में भारत हो

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– वेंकटचलम, नेल्लोर में स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए सीएम योगी आदित्यनाथ

वेंकटचलम (नेल्लोर), 07 सितंबर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को आंध्र प्रदेश के दौरे पर पहुंचे। वेंकटचलम, नेल्लोर में आयोजित स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25वें स्थापना दिवस समारोह में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।

ग्लोबल हो, लेकिन अपनी जड़ों से भी जुड़ी हो नई पीढ़ी

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश का लक्ष्य ऐसी नई पीढ़ी तैयार करना है, जो ग्लोबल भी हो और अपनी जड़ों से भी जुड़ी हो। उन्होंने कहा कि युवा आधुनिक तकनीक से लैस हों, लेकिन उनके हृदय में भारत, अपनी संस्कृति पर गर्व, अपनी जड़ों का बोध, समाज के प्रति संवेदनशीलता और ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना भी हो।

उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रमणों और औपनिवेशिक दौर ने भारत की स्वावलंबी ग्रामीण व्यवस्था को कमजोर किया। गांवों की आत्मनिर्भरता और स्थानीय संस्थाओं पर इसका असर पड़ा, लेकिन गांवों की आत्मा कभी समाप्त नहीं हुई।

गांव भारत की सभ्यता की सबसे बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सभ्यता की सबसे बड़ी शक्ति हमारे गांव रहे हैं। सदियों तक गांव अर्थव्यवस्था, सामाजिक जीवन और संस्कृति के केंद्र रहे। उत्पादन, ज्ञान, जल संरक्षण, कला-शिल्प और सामाजिक मूल्यों के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने कहा कि कृषि, पशुपालन, शिल्प, व्यापार और स्थानीय संस्थाएं एक-दूसरे से जुड़ी थीं। गांव की अर्थव्यवस्था एक तरह की सर्कुलर इकोनॉमी थी, जिसमें एक का उत्पादन दूसरे की आजीविका का आधार बनता था। विदेशी आक्रमणों और औपनिवेशिक दौर का असर केवल अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ा, बल्कि गांवों की आत्मनिर्भरता और स्थानीय संस्थाएं भी कमजोर हुईं।

‘ग्राम स्वराज’ की सोच को आगे बढ़ाने पर जोर

योगी ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘बैक टू विलेज’ का आह्वान किया था। वे ‘ग्राम स्वराज’ के माध्यम से ऐसे गांव की कल्पना करते थे, जो आत्मनिर्भर और स्वावलंबी हो तथा अपनी आवश्यकताओं के लिए सक्षम होने के साथ अपने निर्णय स्वयं लेने में समर्थ हो।

उन्होंने कहा कि इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए एम. वेंकैया नायडू ने वर्ष 2001 में अपने आठ साथियों के साथ स्वर्ण भारत ट्रस्ट की शुरुआत की थी। ट्रस्ट ने स्वास्थ्य केंद्र, दंत एवं नेत्र चिकित्सा, पशु चिकित्सा, किसान प्रशिक्षण, महिला प्रशिक्षण, व्यावसायिक शिक्षा, कंप्यूटर प्रशिक्षण, विद्यालय और ब्रिज स्कूल जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है।

वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी

मुख्यमंत्री ने स्वर्ण भारत ट्रस्ट के रेजिडेंशियल ब्रिज स्कूल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट वंचित तबके के बच्चों को शिक्षा, भोजन, पुस्तकें, ड्रेस और आवास की सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें फिर से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि अक्षरा विद्यालय और स्वर्ण भारती विद्या मंदिर जैसे संस्थानों के माध्यम से ग्रामीण और बीपीएल परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की पहल भी सराहनीय है।

योगी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में श्रमिकों के बच्चों के लिए 18 मंडल मुख्यालयों पर अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं। कोरोना महामारी के दौरान माता-पिता को खोने वाले बच्चों को भी इन विद्यालयों में शिक्षा और आवास की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ये निःशुल्क आवासीय विद्यालय हैं और इनमें आधी सीटें बालिकाओं के लिए आरक्षित हैं।

पुराने हुनर को नया बाजार देने की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में कोई न कोई पारंपरिक हुनर मौजूद है। वाराणसी की साड़ी, भदोही का कालीन, मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का कांच, कन्नौज का इत्र और लखनऊ की चिकनकारी इसके उदाहरण हैं।

उन्होंने कहा कि पीढ़ियों से इन हुनरों को आगे बढ़ाने वाले कारीगरों के सामने आधुनिक डिजाइन, पूंजी और बाजार की कमी थी। इसे ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना शुरू की गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने कारीगरों को नया हुनर सिखाने के बजाय उनके पारंपरिक हुनर को नया बाजार उपलब्ध कराया है।

गांव की बेटियों को गांव में ही रोजगार

योगी ने ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वर्ण भारत ट्रस्ट की प्रशिक्षण व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं के लिए अलग आवास की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सुरक्षित व्यवस्था होने पर ही परिवार अपनी बेटियों को बाहर भेजने के लिए तैयार होते हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में ‘मिशन शक्ति’ के माध्यम से महिलाओं को ‘बीसी सखी’ के रूप में प्रशिक्षित किया गया और डिजिटल डिवाइस उपलब्ध कराकर उन्हें बैंकिंग सेवाओं से जोड़ा गया। अब गांव के बुजुर्गों और अन्य लोगों को बैंकिंग सेवाएं घर पर मिल रही हैं और यह काम उसी गांव की बेटियां कर रही हैं। इससे उन्हें आय का अवसर भी मिला है।

गोवंश संरक्षण के लिए 7,700 से अधिक गो-आश्रय स्थल

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवंश संरक्षण के लिए उत्तर प्रदेश में 7,700 से अधिक गो-आश्रय स्थल बनाए गए हैं। निराश्रित गोवंश को पालने वाले किसानों को राज्य सरकार की ओर से प्रति गोवंश 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं।

तकनीक भेदभाव नहीं करती

योगी ने कहा कि आज तकनीक का युग है और तकनीक का सबसे बड़ा गुण यह है कि वह भेदभाव नहीं करती। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल के जरिए महिला और ग्रामीण सशक्तीकरण को नई गति दी है।

उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अब उन गरीब परिवारों तक पहुंच रहा है, जिन्हें बिना बिचौलियों के पक्के मकान के लिए सरकारी सहायता मिल रही है।

25 वर्षों की यात्रा के लिए ट्रस्ट को बधाई

मुख्यमंत्री ने स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25 वर्ष पूरे होने पर उसके पदाधिकारियों, सदस्यों और शुभचिंतकों को बधाई दी। उन्होंने ट्रस्ट के संस्थापक एवं पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू का अभिनंदन करते हुए कहा कि वर्ष 2001 में शासन में रहते हुए एक व्यक्ति ने समाज सेवा की यात्रा शुरू की थी, जो आज भारत के प्रधानमंत्री हैं। उसी वर्ष समाज सेवा की एक अन्य यात्रा स्वर्ण भारत ट्रस्ट के रूप में शुरू हुई।

उन्होंने कहा कि 25 वर्ष बाद दोनों यात्राओं का लक्ष्य एक ही है- विकसित भारत। जब सरकार और समाज की दिशा, संकल्प और लक्ष्य एक हों तथा उसकी प्राप्ति के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं तो परिणाम अवश्य मिलते हैं।

वेंकैया नायडू को बताया उत्तर-दक्षिण का सेतु

मुख्यमंत्री योगी ने एम. वेंकैया नायडू को उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक सेतु बताया। उन्होंने कहा कि स्वर्ण भारत ट्रस्ट की गतिविधियां समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और वंचित तबके को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

समारोह में कई प्रमुख लोग रहे मौजूद

समारोह में स्वर्ण भारत ट्रस्ट के संस्थापक एवं पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, आंध्र प्रदेश सरकार के नगर प्रशासन एवं शहरी विकास मंत्री पी. नारायणा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री वाई. सत्य कुमार यादव, भाजपा आंध्र प्रदेश के अध्यक्ष पी.बी.एन. माधव, राज्यसभा सांसद बीडा मस्तान राव, स्वर्ण भारत ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. कामिनेनी श्रीनिवास, आंध्र प्रदेश विधानसभा के विधायक सोमीरेड्डी चंद्रमोहन रेड्डी, स्वर्ण भारत ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी दीपा वेंकट और पुष्पा बरपु फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी एम. हर्षवर्धन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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