रांची : झारखंड में बालू संकट लगातार गहराता जा रहा है। राजधानी रांची समेत कई जिलों में अब महंगा बालू मिलना भी मुश्किल हो गया है। स्थिति ऐसी है कि सिर्फ चार दिनों के भीतर बालू की कीमतों में तीन गुना तक उछाल दर्ज किया गया है।
रांची में जो 100 CFT बालू पहले 3,000 से 3,500 रुपये में आसानी से मिल जाता था, उसकी कीमत अब बढ़कर 9,000 से 10,000 रुपये तक पहुंच गई है। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों और निर्माण कार्य से जुड़े कारोबारियों की परेशानी बढ़ा दी है।
क्यों बढ़ी बालू की कीमत?
झारखंड में बालू संकट और कालाबाजारी के पीछे दो बड़े कारण सामने आ रहे हैं।
लीज प्रक्रिया में भारी देरी
राज्य के कुल 444 बालू घाटों में से अब तक केवल 13 घाटों की ही लीज प्रक्रिया पूरी हो सकी है। अधिकांश घाटों का संचालन बंद होने से बाजार में वैध बालू की भारी कमी हो गई है। इसका फायदा बालू माफिया उठा रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन की सख्ती
खनन विभाग और पुलिस द्वारा अवैध खनन के खिलाफ अभियान तेज किए जाने के बाद चोरी से बालू लाना बेहद महंगा हो गया है। स्टॉकिस्टों और ट्रैक्टर चालकों का आरोप है कि रास्ते में पड़ने वाले थाना क्षेत्रों और पेट्रोलिंग टीमों को भारी रकम देनी पड़ रही है, जिससे लागत कई गुना बढ़ गई है।
स्टॉकिस्टों का दावा, एक हाइवा बालू पर 90 हजार तक खर्च
बालू कारोबारियों का कहना है कि पहले 12 चक्के वाले एक हाइवा (करीब 1,000 CFT) बालू को मंगाने में लगभग 22 से 25 हजार रुपये खर्च होते थे। अब यही खर्च बढ़कर 75 हजार से 90 हजार रुपये तक पहुंच गया है।
रांची और धनबाद में सबसे ज्यादा असर
रांची में स्टॉक खत्म होने की स्थिति
राजधानी रांची में अवैध बालू भी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। स्टॉकिस्टों के अनुसार उनके पास मौजूद बालू का भंडार लगभग खत्म होने की कगार पर है।
धनबाद में भी बढ़े दाम
धनबाद में भी हालात खराब हैं। यहां 100 CFT बालू की कीमत 7,000 रुपये तक पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि बालू माफिया रात के अंधेरे में घाटों से बालू उठाकर सुबह छोटी गाड़ियों के जरिए शहरों में सप्लाई कर रहे हैं।
रांची में बालू का नया रेट कार्ड
चार दिनों में ऐसे बढ़े बालू के दाम
| बालू का प्रकार | पहले की कीमत | अब की कीमत |
|---|---|---|
| हाइवा से सामान्य बालू (1000 CFT) | ₹25,000 | ₹75,000 |
| हाइवा से प्लास्टर बालू (1000 CFT) | ₹28,000 | ₹80,000 |
| टर्बो से सामान्य बालू (100 CFT) | ₹3,000 | ₹9,000 |
| टर्बो से प्लास्टर बालू (100 CFT) | ₹3,500 | ₹10,000 |
| ट्रैक्टर से सामान्य बालू | ₹2,200 | ₹4,500 |
| ट्रैक्टर से प्लास्टर बालू | ₹2,600 | ₹5,500 |
मकान बनाना हुआ महंगा
बालू की आसमान छूती कीमतों का सीधा असर निर्माण कार्यों पर पड़ रहा है। रांची और आसपास के इलाकों में मकान बनाना अब पहले की तुलना में काफी महंगा हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार जल्द अन्य बालू घाटों की लीज प्रक्रिया पूरी नहीं करती है, तो आने वाले दिनों में बालू की कीमतें और अधिक बढ़ सकती हैं।






