पटना, 22 जुलाई। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर पूरी तरह गंभीर है। विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान किसानों को सिंचाई के लिए बिजली की उपलब्धता को लेकर उठे सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने यह बात कही।
कम बारिश से किसानों की बढ़ी परेशानी
सदन में सत्ता पक्ष के विधायकों ने कई इलाकों में किसानों को समय पर बिजली नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। विधायकों ने कहा कि बिजली की कमी के कारण सिंचाई प्रभावित हो रही है और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
इस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि इस बार राज्य के कई हिस्सों में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है और किसानों को राहत पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।
सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली देने की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक लगातार बिजली उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे समय पर खेतों की सिंचाई कर सकें।
उन्होंने कहा कि खेती काफी हद तक मौसम पर निर्भर होती है। ऐसे में कम बारिश की स्थिति में सिंचाई के लिए बिजली की उपलब्धता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। सरकार इस दिशा में आवश्यक कदम उठा रही है।
सुखाड़ की स्थिति पर जिलों से मांगी गई रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में बारिश की कमी के कारण सुखाड़ जैसी स्थिति बन रही है, वहां के जिलाधिकारियों को रिपोर्ट तैयार कर भेजने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा कि जिलों से रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार प्रभावित इलाकों के लिए जरूरी कदम उठाएगी और किसानों को राहत देने का काम करेगी।
किसानों को मिल सकता है डीजल अनुदान
सम्राट चौधरी ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में सूखे की स्थिति सामने आती है तो वहां किसानों को डीजल अनुदान देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि संसाधनों की कमी के कारण किसानों की फसल प्रभावित न हो और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।






