नई दिल्ली। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार एक बार फिर 700 अरब डॉलर के स्तर को पार कर गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, 10 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 3.825 अरब डॉलर बढ़कर 700.946 अरब डॉलर पर पहुंच गया। यह लगातार दूसरा सप्ताह है जब भंडार में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में सबसे अधिक योगदान
RBI के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार में सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (FCA) का है, जो 3.127 अरब डॉलर बढ़कर 555.983 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इसमें डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी प्रमुख वैश्विक मुद्राएं शामिल हैं।
SDR और स्वर्ण भंडार में भी वृद्धि
इस सप्ताह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास रखे विशेष आहरण अधिकार (SDR) में 5.60 करोड़ डॉलर की वृद्धि हुई, जिससे यह 18.763 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
वहीं, देश के स्वर्ण भंडार में भी 60.10 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके बाद इसका कुल मूल्य 121.343 अरब डॉलर हो गया है।
पहले भी बना चुका है रिकॉर्ड
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 728.494 अरब डॉलर के ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंच गया था।
हालांकि मार्च के दौरान वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण इसमें गिरावट देखी गई थी, लेकिन अब एक बार फिर यह 700 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है।
अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी देश की आर्थिक स्थिरता को मजबूत करती है और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की स्थिति को सुदृढ़ बनाती है।






