पटना, 07 जून — राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक Mohan Bhagwat शनिवार दोपहर अपने तीन दिवसीय बिहार प्रवास पर पटना पहुंचे। पटना हवाई अड्डे पर उनका स्वागत मुख्यमंत्री Samrat Choudhary सहित संघ और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने किया।
मुंगेर में संघ शिक्षा वर्ग में होंगे शामिल
पटना पहुंचने के बाद मोहन भागवत शाम को Munger के लिए रवाना होंगे। वहां वे 7 जून से 9 जून तक आयोजित विभिन्न संगठनात्मक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। उनके प्रवास का प्रमुख कार्यक्रम सरस्वती विद्या मंदिर, पुरानीगंज परिसर में आयोजित संघ शिक्षा वर्ग में शामिल होना है।
700 स्वयंसेवक ले रहे हैं प्रशिक्षण
संघ के इस प्रशिक्षण वर्ग में बिहार समेत विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 700 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। संघ शिक्षा वर्ग को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख प्रशिक्षण कार्यक्रमों में गिना जाता है, जहां स्वयंसेवकों को संगठन की कार्यप्रणाली, अनुशासन, सामाजिक दायित्वों और राष्ट्र जीवन से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाता है।
संघ की विचारधारा और शताब्दी वर्ष पर होगा मार्गदर्शन
अपने प्रवास के दौरान मोहन भागवत स्वयंसेवकों को संघ की विचारधारा, संगठन के आगामी कार्यक्रमों और शताब्दी वर्ष से जुड़े आयोजनों के बारे में मार्गदर्शन देंगे। इसके अलावा वे राष्ट्र निर्माण में स्वयंसेवकों की भूमिका, सामाजिक समरसता, सेवा कार्यों और समाज के विभिन्न वर्गों तक संगठन की पहुंच बढ़ाने जैसे विषयों पर भी विचार साझा करेंगे।
शताब्दी वर्ष की तैयारियों पर विशेष जोर
संघ के शताब्दी वर्ष को लेकर देशभर में विशेष कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसी क्रम में स्वयंसेवकों को अधिक सक्रिय भूमिका निभाने, सामाजिक संवाद बढ़ाने और सेवा गतिविधियों का विस्तार करने पर बल दिया जाएगा।
वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक की संभावना
अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान संघ प्रमुख संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक भी कर सकते हैं। इसमें संगठनात्मक गतिविधियों, विस्तार योजनाओं और आगामी कार्यक्रमों की समीक्षा किए जाने की संभावना है। हालांकि बैठक के विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
बिहार दौरा माना जा रहा महत्वपूर्ण
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इन आयोजनों के माध्यम से संघ अपनी विचारधारा, सेवा गतिविधियों और संगठनात्मक कार्यों को समाज के व्यापक वर्गों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। बिहार दौरे को भी इसी व्यापक अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।






