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होर्मुज से राहत: 44 हजार टन LPG लेकर मुंबई आ रहा टैंकर, 17 जहाज अब भी कतार में

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ग्रीन सान्वी ने सुरक्षित पार किया होर्मुज जलडमरूमध्य; ईरानी क्लीयरेंस के इंतजार में अन्य टैंकर, आपूर्ति सुधरने की उम्मीद

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य से 44 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर एक और भारतीय जहाज सुरक्षित निकल चुका है और मुंबई की ओर बढ़ रहा है।

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जानकारी के मुताबिक, ग्रीन सान्वी नाम का यह एलपीजी टैंकर ईरान के समुद्री क्षेत्र से होकर बनाए गए सुरक्षित कॉरिडोर के जरिए होर्मुज पार कर चुका है। जहाज ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, यह टैंकर अब मुंबई बंदरगाह की ओर अग्रसर है और इसके जल्द पहुंचने की उम्मीद है।

लगातार पहुंच रहे हैं एलपीजी जहाज
पश्चिम एशिया में ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब तक छह एलपीजी जहाज भारत पहुंच चुके हैं। यह पिछले एक महीने में होर्मुज पार करने वाला सातवां भारतीय जहाज है। इस जहाज पर 44,000 मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी लदी है, जिससे देश में गैस आपूर्ति को राहत मिलने की उम्मीद है।

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17 और जहाजों का इंतजार
हालांकि, संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है। होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में भारत के 17 तेल और गैस टैंकर अब भी फंसे हुए हैं और ईरानी क्लीयरेंस का इंतजार कर रहे हैं। इनमें ग्रीन आशा और जग विक्रम जैसे एलपीजी से लदे जहाज भी शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार, जैसे ही इन्हें अनुमति मिलेगी, ये जहाज भी भारत के लिए रवाना हो सकते हैं। इनकी आवाजाही शुरू होने पर देश में एलपीजी की आपूर्ति और बेहतर होने की संभावना है।

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घरेलू बाजार को राहत की उम्मीद
हाल के दिनों में आपूर्ति बाधित होने के कारण कई जगहों पर एलपीजी की कमी देखी जा रही थी। ऐसे में इन जहाजों के पहुंचने से घरेलू बाजार में दबाव कम होने और उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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