अबूधाबी/वाशिंगटन/तेहरान, 19 अगस्त । पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी सैन्य तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर स्थिति और गंभीर होती दिखाई दे रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत और संभावित समझौते की कोशिशों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के समुद्री नौवहन को निशाना बनाए जाने की खबर ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ा दी हैं। ईरान ने जहां अमेरिका के सहयोगी देशों के रुख पर नाराजगी जताई है, वहीं यूएई ने जवाबी कदम उठाते हुए ईरान के साथ व्यापार, वाणिज्यिक आदान-प्रदान और वित्तीय लेनदेन पर रोक लगाने की घोषणा की है।
घटनाक्रम के बाद अमेरिका भी सक्रिय हो गया है। अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने यूएई के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) शेख तहनून बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बातचीत की। दोनों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही की स्वतंत्रता समेत क्षेत्र की प्रमुख सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा हुई। इस दौरान लेबनान की स्थिति पर भी बातचीत हुई।
यूएई ने ईरान से सभी तरह के लेनदेन पर लगाई रोक
ईरान की ओर से बैलिस्टिक मिसाइल हमले के दावे के बाद यूएई ने कड़ा रुख अपनाया है। रिपोर्टों के मुताबिक, अबूधाबी ने तत्काल प्रभाव से ईरान के साथ सभी तरह के व्यापार, वाणिज्यिक आदान-प्रदान और वित्तीय लेनदेन रोकने का फैसला किया है।
यूएई विदेश मंत्रालय के रणनीतिक संचार विभाग की निदेशक अफरा अल हमेली ने प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए कहा कि यह फैसला क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता और क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए पैदा हो रहे खतरों को देखते हुए लिया गया है। ये प्रतिबंध अगली सूचना तक लागू रहेंगे।
यूएई का यह कदम ईरान के साथ उसके संबंधों में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत माना जा रहा है। इससे पहले दोनों देशों के बीच आर्थिक और कारोबारी संबंधों को क्षेत्रीय तनाव के बावजूद अपेक्षाकृत स्थिर माना जाता रहा है।

रुबियो ने यूएई के NSA से की बातचीत
यूएई पर हमले की खबरों के बीच अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने शेख तहनून बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बात की। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट के अनुसार, बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई।
रुबियो ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या नौवहन में बाधा का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है।
दोनों अधिकारियों ने लेबनान की स्थिति पर भी चर्चा की।
ट्रंप बोले- ईरान से कोई बातचीत नहीं
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ फिलहाल कोई बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी सख्त रुख दिखाया है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को नए अमेरिकी क्षेत्र के तौर पर प्रदर्शित किया गया। उनके इस कदम को ईरान के लिए एक और कड़ा संदेश माना जा रहा है।
दूसरी ओर, ईरान ने जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए अपनी शर्तों को दोहराया है। कतर के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, व्यापक अमेरिका-ईरान बातचीत दोबारा शुरू होने से पहले मध्यस्थों की नजर ईरान और ओमान के बीच होर्मुज को लेकर प्रस्तावित द्विपक्षीय समझौते पर है।
ईरान ने यूएई के मिसाइल हमले के दावे को बताया बेबुनियाद
ईरान ने यूएई के रक्षा मंत्रालय की ओर से किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमले के दावे को खारिज कर दिया है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि इस तरह के दावे पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंधों को नुकसान पहुंचाते हैं और क्षेत्र में आपसी विश्वास को कमजोर करते हैं।
ईरान का कहना है कि क्षेत्रीय देशों के बीच तनाव बढ़ाने वाले ऐसे आरोप स्थिति को और जटिल बना सकते हैं।
खाड़ी देशों को ईरान की चेतावनी
इस बीच ईरानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ अली अब्दुल्लाही ने खाड़ी देशों को अमेरिका की सैन्य मदद करने के खिलाफ चेतावनी दी है।
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के हवाले से सामने आए बयान में उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सैन्य ठिकानों पर बड़ी संख्या में अमेरिकी सैन्य विमान, विशेषकर ईंधन भरने वाले विमानों की मौजूदगी को मेजबान देशों की जानकारी के बिना समझाना मुश्किल है।
ईरान ने पहले भी क्षेत्र के उन देशों को चेतावनी दी है जो अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए अपने हवाई अड्डों या सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे सकते हैं।
ईरान नई क्षेत्रीय व्यवस्था की कर रहा वकालत
इस बीच ईरानी संसद के स्पीकर और देश के प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद बाक़र घालिबाफ ने इराक यात्रा के दौरान क्षेत्रीय सहयोग पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य विदेशी हस्तक्षेप से मुक्त एक नई क्षेत्रीय व्यवस्था को मजबूत करना है। घालिबाफ ने इस्लामी देशों के बीच आर्थिक और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई।
उनके मुताबिक, क्षेत्र के देशों को टिकाऊ आर्थिक सहयोग के साथ-साथ मजबूत सुरक्षा संबंधों पर भी समन्वय स्थापित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान इस तरह की क्षेत्रीय व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।
तेल से ईरान को मिली 7.5 अरब डॉलर की कमाई
होर्मुज में सैन्य तनाव के बीच ईरान के तेल मंत्रालय ने अपनी विदेशी मुद्रा आय से जुड़ा अहम आंकड़ा जारी किया है।
मंत्रालय के मुताबिक, इस वर्ष के पहले चार महीनों में ईरान को तेल से 7.5 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा आय हुई। यह राशि केंद्रीय बैंक को सौंप दी गई है। मंत्रालय का दावा है कि यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब डेढ़ गुना अधिक है।
ईरान को उम्मीद है कि तेल से हुई यह आय साल के अंत तक सरकार के विदेशी मुद्रा संबंधी खर्चों को पूरा करने में मदद करेगी।
अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती से भी बढ़ी चिंता
होर्मुज को लेकर तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ा दी है। अमेरिकी सेना ने यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन एयरक्राफ्ट कैरियर का वीडियो जारी किया है, जिसमें यह युद्धपोत मलेशिया और इंडोनेशिया के बीच मलक्का जलडमरूमध्य से गुजरता दिखाई दे रहा है।
अमेरिकी सेना के अनुसार, वीडियो 13 अगस्त को रिकॉर्ड किया गया था। जॉर्ज वॉशिंगटन को मध्य पूर्व भेजा जा रहा है, जहां वह यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह लेगा।
अब्राहम लिंकन ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष के कारण लंबे समय से समुद्र में तैनात है।
हिंद महासागर में रात के समय विमानों की उड़ान
अमेरिकी सेना ने एक अन्य वीडियो भी जारी किया है, जिसमें हिंद महासागर में यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन के डेक से रात के समय सैन्य विमानों को उड़ान भरते देखा जा सकता है।
जॉर्ज वॉशिंगटन के मध्य पूर्व की ओर रवाना होने के बाद प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका के पास फिलहाल कोई एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं रहने की स्थिति बन सकती है। इससे संकेत मिलता है कि वाशिंगटन मध्य पूर्व में अपनी सैन्य क्षमता और मौजूदगी को प्राथमिकता दे रहा है।
दुनिया की नजरें होर्मुज पर
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव अब केवल ईरान, अमेरिका और खाड़ी देशों तक सीमित नहीं है। दुनिया की निगाहें इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर टिकी हैं। यहां किसी भी तरह की सैन्य झड़प, जहाजों की आवाजाही में रुकावट या लंबे समय तक नौवहन बाधित होने की स्थिति में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर व्यापक असर पड़ सकता है।
एक तरफ अमेरिका क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी मजबूत कर रहा है, वहीं ईरान अमेरिकी सहयोगी देशों को चेतावनी दे रहा है। यूएई ने ईरान के साथ आर्थिक और वित्तीय संबंध रोकने का फैसला किया है। ऐसे में होर्मुज को लेकर आने वाले दिनों में कूटनीतिक बातचीत और सैन्य दबाव—दोनों मोर्चों पर तनाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है।






