पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि लाभार्थियों के खातों में प्रत्येक माह की 10 तारीख तक पेंशन राशि का भुगतान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी गरीब, वृद्ध, दिव्यांग और अन्य जरूरतमंद लोगों के जीवन को प्रभावित करती है, इसलिए इस व्यवस्था को पूरी जवाबदेही के साथ संचालित किया जाना चाहिए।
समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
मुख्यमंत्री सोमवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ में आयोजित समाज कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, सेवा वितरण व्यवस्था और लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच की समीक्षा की गई।
इस दौरान समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।
आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित निगरानी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के समग्र विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्रों के संचालन, सेविका और सहायिकाओं की उपस्थिति तथा बच्चों की उपस्थिति की तकनीकी माध्यमों से नियमित निगरानी की जाए।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र जितने बेहतर ढंग से संचालित होंगे, बच्चों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास उतना ही बेहतर होगा।
सीएसआर के माध्यम से संसाधन बढ़ाने का सुझाव
सम्राट चौधरी ने आंगनबाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने के लिए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से सहयोग लेने की संभावनाओं पर गंभीरता से काम करने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की भागीदारी से केंद्रों के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है।
कुपोषण और स्टंटिंग कम करना प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने बच्चों में स्टंटिंग (अल्पविकसित वृद्धि) और वेस्टिंग (कुपोषण के कारण वजन में कमी) की समस्या को गंभीर बताते हुए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि पोषण, स्वास्थ्य और बाल विकास से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय और मजबूत निगरानी व्यवस्था जरूरी है।
परवरिश योजना का दायरा बढ़ाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने ‘परवरिश योजना’ सहित समाज कल्याण विभाग की अन्य योजनाओं का दायरा बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों तक सरकारी सहायता पहुंच सके।
उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता और सुविधाओं की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार लाभ राशि बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार करने को कहा।
रिक्त पदों को जल्द भरने का निर्देश
समाज कल्याण विभाग के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने विभाग में रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होने से योजनाओं के क्रियान्वयन, निगरानी और सेवा वितरण में तेजी आएगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करें काम
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और समयबद्ध निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य समाज के कमजोर, गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्गों को सशक्त बनाना है।
उन्होंने कहा, “जन कल्याण के कार्य पूरी संवेदनशीलता के साथ किए जाने चाहिए। जब योजनाओं का लाभ सही लोगों तक समय पर पहुंचता है, तब लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है और सरकार के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है।”






