नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि रेल और सड़कें केवल परिवहन के साधन नहीं, बल्कि किसी भी विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव होती हैं। उन्होंने जोर दिया कि बुनियादी ढांचे का विकास आर्थिक विस्तार, सामाजिक समावेशन और राष्ट्रीय एकता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों से मुलाकात के दौरान दिया संदेश
राष्ट्रपति भवन में भारतीय रेल के प्रोबेशनरी अधिकारियों और केंद्रीय इंजीनियरिंग सेवा (सड़कें) के सहायक कार्यपालक अभियंताओं से मुलाकात के दौरान उन्होंने यह बात कही। इस अवसर पर विभिन्न बैचों के युवा अधिकारियों को आमंत्रित किया गया था।
‘विकसित भारत’ के निर्माण में अहम भूमिका
राष्ट्रपति ने कहा कि ये अधिकारी ऐसे समय में सेवा में आए हैं, जब देश ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उनके फैसले और कार्य सीधे तौर पर करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करेंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर से खुलते हैं विकास के नए रास्ते
उन्होंने कहा कि रेलवे और राजमार्ग आर्थिक गतिविधियों को गति देते हैं। जब रेल किसी दूरदराज क्षेत्र तक पहुंचती है या सड़कें नए इलाकों को जोड़ती हैं, तो वहां सामाजिक-आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा होते हैं।
मजबूत ढांचा बढ़ाता है व्यापार और निवेश
राष्ट्रपति ने बताया कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से लॉजिस्टिक्स लागत कम होती है, व्यापार को बढ़ावा मिलता है, निवेश आकर्षित होता है और उत्पादकता में वृद्धि होती है। यह देश के विभिन्न क्षेत्रों और लोगों को जोड़कर राष्ट्रीय एकता को भी मजबूत करता है।
ईमानदारी और उत्कृष्टता अपनाने की सलाह
उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी, जवाबदेही और उत्कृष्टता के मूल्यों को अपनाने का आग्रह किया। साथ ही कहा कि सफलता केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव से मापी जानी चाहिए।
राष्ट्रपति ने युवा अधिकारियों को निरंतर सीखने, जिज्ञासु बने रहने और नवाचार को बढ़ावा देने की सलाह देते हुए कहा कि वे केवल प्रशासक नहीं, बल्कि देश की प्रगति के वाहक और जनविश्वास के संरक्षक हैं।






