रांची: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड सरकार की झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी (जेएसडीएमएस) में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। भाजपा का दावा है कि ब्लैकलिस्ट की गई कंपनियों को नियमों के विपरीत अस्थायी रूप से काली सूची से हटाकर करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया।
प्रेसवार्ता में लगाए गंभीर आरोप
रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कुछ दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए आरोप लगाया कि अगस्त 2024 में तत्कालीन मिशन निदेशक ने स्किल डेवलपमेंट से जुड़ी छह कंपनियों को फर्जी बैंक गारंटी देने का दोषी मानते हुए अगस्त 2026 तक के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया था।
उन्होंने दावा किया कि इसके बावजूद वर्तमान मिशन निदेशक शैलेंद्र लाल ने अक्टूबर 2024 में “लोकहित” का हवाला देते हुए इन कंपनियों को काली सूची से हटाकर भुगतान करने का आदेश जारी कर दिया।
55 करोड़ रुपये के भुगतान का दावा
भाजपा के अनुसार, कंपनियों को ब्लैकलिस्ट से हटाने के बाद विभाग की ओर से करीब 55 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
अजय साह ने आरोप लगाया कि अगस्त 2025 में फर्जी बैंक गारंटी मामले में तत्कालीन अधिकारी विनय चौबे के जेल जाने के बाद इन्हीं कंपनियों को दोबारा ब्लैकलिस्ट कर दिया गया।
उनका कहना है कि करीब दस महीने तक कंपनियों को काली सूची से बाहर रखकर भुगतान किया गया और बाद में उन्हें फिर से प्रतिबंधित कर दिया गया।
अधिकारियों पर उठाए सवाल
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अगस्त 2026 में ब्लैकलिस्ट की अवधि समाप्त होने के बाद इन्हीं कंपनियों को दोबारा भुगतान किए जाने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि फर्जी बैंक गारंटी मामले में एक विभाग के सचिव विनय चौबे के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है, तो श्रम विभाग के तत्कालीन और वर्तमान अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
अजय साह ने आरोप लगाया कि शैलेंद्र लाल, राजन श्रीवास्तव और विश्वरूप ठाकुर इस पूरे प्रकरण के प्रमुख जिम्मेदार हैं और उन्हें प्रभावशाली स्तर पर संरक्षण प्राप्त है।
भाजपा ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो श्रम विभाग के वर्तमान और पूर्व सचिवों के खिलाफ भी विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रेसवार्ता में भाजपा के मीडिया सह-प्रभारी सतीश सिन्हा भी मौजूद रहे।






