पटना : बिहार में चल रही अंचल और राजस्व अधिकारियों की हड़ताल पर राज्य सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में बाधा डालने वाले अधिकारियों पर अब कार्रवाई तय है। इसी के तहत 624 हड़ताली अधिकारियों के वेतन से 1000-1000 रुपये की कटौती करने का निर्णय लिया गया है।
राज्य सरकार का कहना है कि यह कदम प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने और सरकारी कार्यों को समय पर पूरा कराने के लिए जरूरी है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को सूची भेज दी है, जिसमें इन अधिकारियों के नाम शामिल हैं। आदेश के अनुसार, जिन अधिकारियों ने हड़ताल के दौरान अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया, उनके वेतन से जुर्माने की राशि काटी जाएगी।
यह कार्रवाई जनगणना अधिनियम 1948 के तहत की जा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कानून के अनुसार यदि कोई सरकारी कर्मचारी जनगणना कार्य में सहयोग नहीं करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है। इसी आधार पर सरकार ने यह निर्णय लिया है।
हड़ताल के कारण राज्य में चल रही स्वगणना प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए हैं। कई जिलों में कामकाज धीमा हो गया है, जिससे सरकार की चिंता बढ़ी है। इसी कारण अब सख्त कार्रवाई की जा रही है।
वहीं, कर्मचारी संघ ने सरकार से बातचीत की मांग की है। यूनियन का कहना है कि राजस्व अधिकारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहिए।
इस पूरे मामले में एक तरफ सरकार अनुशासन और कार्य व्यवस्था पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी तरफ कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह विवाद बातचीत से सुलझता है या और अधिक सख्ती देखने को मिलती है।






