मुख्यमंत्री ने वामनेश्वर नाथ एवं रामेश्वर नाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना
पटना : सम्राट चौधरी ने शनिवार को बक्सर दौरे के दौरान रामरेखा घाट पर भव्य भगवान श्रीराम की प्रतिमा स्थापित कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बक्सर स्थित प्राचीन धार्मिक स्थलों में पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले बक्सर नगरी में स्थित प्राचीन वामनेश्वर नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। यह मंदिर भगवान वामन द्वारा स्थापित शिवलिंग के रूप में प्रसिद्ध है। पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का भ्रमण कर प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों ने वामनेश्वर धाम की प्रस्तावित भूमि का ले-आउट प्लान प्रस्तुत कर विकास योजनाओं की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कारा बक्सर परिसर में बंदियों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प एवं अन्य सामग्रियों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया तथा मंदिर परिसर में पौधारोपण किया।
इसके बाद सम्राट चौधरी ने बक्सर के रामरेखा घाट स्थित रामेश्वर नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की तरक्की और खुशहाली की कामना की। मान्यता है कि इस मंदिर में भगवान श्रीराम द्वारा स्थापित प्रथम शिवलिंग विराजमान है।
मुख्यमंत्री ने रामरेखा घाट पर चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें घाट के जीर्णोद्धार, प्रस्तावित भगवान श्रीराम की प्रतिमा, कंट्रोल रूम, पेयजल सुविधा, पाथ-वे, चेंजिंग रूम और गंगा आरती व्यवस्था की जानकारी दी। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि रामरेखा घाट पर भव्य राम मूर्ति स्थापित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से तैयार लाइट एंड साउंड कॉम्प्लेक्स के जीर्णोद्धार कार्य और महर्षि विश्वामित्र मंडपम का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन किया। इस कॉम्प्लेक्स में 5डी थिएटर, टिकट काउंटर, इंडोर और आउटडोर रेस्टोरेंट, ड्राई डेक फाउंटेन सहित कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
कार्यक्रम के दौरान लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से बक्सर की ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक विरासत की प्रस्तुति भी की गई। मुख्यमंत्री ने इसी अवसर पर महाराज स्वर्गीय कमल बहादुर सिंह की प्रतिमा का भी अनावरण किया।
इस अवसर पर नंदकिशोर राम, केदार प्रसाद गुप्ता, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।






