पटना : बिहार में सरकारी बसों से सफर करने वाले यात्रियों को जल्द महंगाई का एक और झटका लग सकता है। Bihar State Road Transport Corporation और परिवहन विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में सरकारी बसों के किराये में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी पर सहमति बनी है। अंतिम निर्णय क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण सरकारी बसों के संचालन खर्च में काफी इजाफा हुआ है। बीएसआरटीसी लंबे समय से किराया बढ़ाने की मांग कर रहा था, लेकिन पहले विभागीय स्तर पर सहमति नहीं बन पाई थी। अब ईंधन लागत बढ़ने के बाद किराया संशोधन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
सरकारी बस किराया बढ़ने का सीधा असर रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों पर पड़ेगा। नौकरीपेशा लोग, छात्र और ग्रामीण इलाकों से शहर आने-जाने वाले यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ सकता है। हालांकि परिवहन विभाग का कहना है कि बढ़ती लागत के बीच बस सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित रखने के लिए किराया वृद्धि जरूरी हो गई है।
इधर निजी बस ऑपरेटर पहले ही 20 से 25 प्रतिशत तक किराया बढ़ा चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकारी बसों के किराये में बढ़ोतरी के बाद बिहार में सार्वजनिक परिवहन और महंगा हो जाएगा। अब सभी की नजर आरटीए के अंतिम फैसले पर टिकी है, जिसके बाद नई किराया दरें लागू की जा सकती हैं।






