रांची, 27 अप्रैल। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
परीक्षा प्रक्रिया पर उठाए सवाल
सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए मरांडी ने कहा कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। हाल ही में जेपीएससी द्वारा आयोजित पात्रता परीक्षा में सामने आई खामियों ने पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
केंद्रों पर नहीं पहुंचे प्रश्नपत्र
मरांडी ने बताया कि बोकारो और रांची के एक-एक परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र ही नहीं पहुंच सके, जिसके कारण वहां परीक्षा रद्द करनी पड़ी। उन्होंने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि इससे अभ्यर्थियों को मानसिक और शैक्षणिक नुकसान हुआ है।
प्रश्नपत्र की गुणवत्ता पर भी सवाल
उन्होंने कहा कि अंग्रेजी विषय में एक ही पैसेज से एक ही प्रश्न दो बार पूछा गया, जबकि एक अन्य प्रश्न में विकल्प ही नहीं दिया गया था। इस तरह की त्रुटियां परीक्षा आयोजन की गंभीरता पर सवाल खड़ा करती हैं।
युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़
मरांडी ने कहा कि हर परीक्षा में नई गड़बड़ियां सामने आना अब एक चिंताजनक प्रवृत्ति बन चुकी है। इससे युवाओं का भरोसा सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं से उठता जा रहा है।
चेयरमैन को हटाने की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की कि अयोग्य जेपीएससी चेयरमैन को तत्काल हटाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग “लूट का अड्डा” बन गया है, जहां आउटसोर्सिंग से लेकर ठेके और नियुक्तियों तक में अनियमितताएं हो रही हैं।
सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील
मरांडी ने कहा कि केवल बयानबाजी से काम नहीं चलेगा, बल्कि पारदर्शी और ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि भर्ती परीक्षाओं की साख बहाल हो और युवाओं का विश्वास फिर से कायम हो सके।





