बीजिंग, 15 मई। चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को चीन के प्राचीन दर्शन ‘सभी जीवों के बीच सद्भाव’ की अवधारणा के बारे में जानकारी दी। यह बातचीत बीजिंग स्थित ऐतिहासिक Temple of Heaven के दौरे के दौरान हुई।
माओ निंग ने साझा की तस्वीरें
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Mao Ning ने शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कीं। तस्वीरों में शी जिनपिंग, डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार के सदस्य ‘हॉल ऑफ प्रेयर फॉर गुड हार्वेस्ट्स’ का दौरा करते नजर आए।
माओ निंग ने लिखा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ट्रंप और उनके परिवार को सभी जीवों के बीच सद्भाव की अवधारणा तथा प्रकृति के नियमों के प्रति सम्मान के महत्व के बारे में समझाया।
चीन-अमेरिका सहयोग पर दिया जोर
एक अन्य पोस्ट में माओ निंग ने कहा कि शी जिनपिंग का मानना है कि चीन और अमेरिका दोनों महान राष्ट्र हैं और दोनों देशों की प्रगति साथ-साथ आगे बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा कि चीन का महान पुनरुद्धार और अमेरिका को फिर से महान बनाना एक-दूसरे के विरोध में नहीं है, बल्कि दोनों देश मिलकर दुनिया की भलाई के लिए काम कर सकते हैं।
1.7 अरब लोगों के हितों से जुड़े संबंध
माओ निंग ने कहा कि चीन-अमेरिका संबंध दोनों देशों के 1.7 अरब से अधिक लोगों की भलाई से जुड़े हैं और इनका प्रभाव दुनिया के आठ अरब से अधिक लोगों पर पड़ता है।
प्रकृति के साथ सामंजस्य का संदेश
बीजिंग के ऐतिहासिक टेंपल ऑफ हेवन में जिनपिंग ने प्राकृतिक नियमों के प्रति सम्मान और प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर रहने के महत्व पर जोर दिया। यह अवधारणा चीनी विश्व दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।
ताओवाद और कन्फ्यूशियसवाद से प्रेरित है दर्शन
‘सभी जीवों के बीच सद्भाव’ की अवधारणा को ‘मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व’ भी कहा जाता है। आधुनिक चीन ने इसे अपनी पारिस्थितिक सभ्यता के मूल सिद्धांत के रूप में अपनाया है।
यह दर्शन मुख्य रूप से ताओवाद और कन्फ्यूशियसवाद से प्रेरित है, जिसमें माना जाता है कि मनुष्य प्रकृति से अलग नहीं, बल्कि उसका ही एक हिस्सा है। इसलिए मनुष्य को प्रकृति का सम्मान करना, उसके नियमों का पालन करना और उसकी रक्षा करना चाहिए।






