जयपुर, 09 जून — राजधानी जयपुर के खोह नागोरियान थाना क्षेत्र स्थित आयशा नगर तलाई में मंगलवार सुबह एक अवैध पटाखा गोदाम में भीषण आग लगने से बच्चे समेत सात लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के बाद प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाकर आग पर काबू पाया। घटना के बाद गोदाम को सील कर दिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
धमाकों के बीच मची अफरा-तफरी
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे आईटीआई कॉलेज के पास स्थित गोदाम में अचानक आग लग गई। गोदाम में बड़ी मात्रा में पटाखे और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी होने के कारण आग तेजी से फैल गई और कई धमाके हुए। अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।
हादसे में अब्दुल वाहिद (50), बिलाल खान (30), समीर (20), आजीम खान उर्फ आविद, राबिल पुत्र सिकंदर कुरैशी सहित सात लोगों की मौत हो गई। दो मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
एक व्यक्ति की हालत गंभीर
नासिर पुत्र मोहम्मद अली गंभीर रूप से झुलस गया है और उसका इलाज SMS Hospital के बर्न वार्ड में चल रहा है।
अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन डॉ. आर.के. जैन के अनुसार, नासिर लगभग 95 प्रतिशत तक झुलस गया है। अस्पताल लाए गए अन्य घायलों में से कई की उपचार के दौरान मौत हो गई।

अवैध रूप से संचालित हो रहा था गोदाम
खोह नागोरियान थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि भवन याकूब नामक व्यक्ति का है, जिसने इसे दिल्ली निवासी फिरोज को किराये पर दिया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फिरोज अपने सहयोगी वसीम के साथ मिलकर यहां अवैध रूप से पटाखों का गोदाम और निर्माण गतिविधियां संचालित कर रहा था।
गोदाम सील, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी
पुलिस आयुक्त Sachin Mittal ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पटाखों का गोदाम प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि रिहायशी क्षेत्र में अवैध रूप से गोदाम संचालित किया जा रहा था और जांच के बाद मालिकों, संचालकों तथा किसी भी स्तर पर मिलीभगत पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने मांगी रिपोर्ट

जयपुर कलेक्टर Sandesh Nayak ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन ने क्षेत्र के तहसीलदार और पटवारी से भी रिपोर्ट तलब की है, क्योंकि जिस कॉलोनी में गोदाम संचालित हो रहा था, उसे अवैध कॉलोनी बताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने बचाई कई जानें
स्थानीय निवासियों ने आग लगने के बाद पानी के टैंकरों और पाइपों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया। कुछ लोगों को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई लोगों को बचाया नहीं जा सका। बचाव अभियान में शामिल कुछ लोग भी झुलस गए।
प्रशासन पर उठे सवाल
Amin Kagzi ने घटना के लिए प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आबादी क्षेत्र में बारूद और पटाखों का गोदाम संचालित हो रहा था, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
नेताओं ने जताया शोक
Haribhau Bagde ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
कृषि मंत्री Kirori Lal Meena ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी ढंग से संचालित करने और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।






