Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

जन आकांक्षाओं की पूर्ति सरकार का संकल्प, शिक्षा-स्वास्थ्य-खेल प्रमुख क्षेत्र : मोदी

Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

Share

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि देश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना उनकी सरकार का मूल संकल्प है और शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, पर्यटन, खेल तथा संस्कृति जैसे क्षेत्र इन आकांक्षाओं को साकार करने के प्रमुख माध्यम हैं। उन्होंने शिक्षा प्रणाली को वास्तविक अर्थव्यवस्था से जोड़ने की प्रक्रिया को तेज करने तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ऑटोमेशन जैसे विषयों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ‘सबका साथ, सबका विकास – जन आकांक्षाओं की पूर्ति’ विषय पर आयोजित बजट के बाद की वेबिनार शृंखला की चौथी कड़ी को संबोधित कर रहे थे। इस वेबिनार में विभिन्न मंत्रालयों, विभागों के अधिकारियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने भी भाग लिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना केवल एक विषय नहीं, बल्कि सरकार के बजट का मूल उद्देश्य और संकल्प है।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल, स्वास्थ्य, पर्यटन, खेल और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे निवेश और सुधार देश के विकास को नई दिशा देने वाले हैं। इन क्षेत्रों के माध्यम से न केवल युवाओं के लिए अवसर बढ़ेंगे बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल उपचार आधारित व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि एक व्यापक और निवारक स्वास्थ्य प्रणाली का निर्माण करना है। पिछले कुछ वर्षों में देश के स्वास्थ्य ढांचे को तेजी से मजबूत किया गया है और योग तथा आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर व्यापक स्वीकार्यता मिली है।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

उन्होंने बताया कि देश के सैकड़ों जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं तथा आयुष्मान भारत योजना और आरोग्य मंदिरों के माध्यम से आम नागरिकों की स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच का विस्तार किया गया है। प्रधानमंत्री ने ‘केयर इकॉनमी’ के उभरते महत्व का भी उल्लेख किया और कहा कि दुनिया भर में प्रशिक्षित देखभाल कर्मियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों से युवाओं को इस क्षेत्र में तैयार करने के लिए नए प्रशिक्षण मॉडल विकसित करने के लिए सुझाव देने का आग्रह किया।

डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि टेली-मेडिसिन ने दूरदराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इन सेवाओं को और अधिक सरल बनाने तथा इनके प्रति जन जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

शिक्षा क्षेत्र पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवाओं की बदलती सोच और ऊर्जा देश की सबसे बड़ी ताकत है। इसलिए शिक्षा व्यवस्था को भी उसी अनुरूप विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा को वास्तविक अर्थव्यवस्था और बाजार की मांग से जोड़ना बेहद जरूरी होगा। उन्होंने विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऑटोमेशन और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण को मजबूत करने पर जोर दिया।

उन्होंने एवीजीसी (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत तेजी से नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों से अपने परिसरों को उद्योग सहयोग और अनुसंधान आधारित शिक्षण के केंद्र के रूप में विकसित करने का आह्वान किया ताकि छात्रों को वास्तविक दुनिया का अनुभव मिल सके।

प्रधानमंत्री ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्र में बढ़ती महिला भागीदारी पर भी संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य की तकनीकों में बेटियों को समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने एक मजबूत शोध पारिस्थितिकी तंत्र बनाने पर जोर दिया जिसमें युवा शोधकर्ताओं को नए विचारों पर प्रयोग करने और नवाचार करने का पूरा अवसर मिले।

खेलों के महत्व पर चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि स्वस्थ और अनुशासित युवा किसी भी राष्ट्र की शक्ति का आधार होते हैं। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से देश के छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों से प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए अभी से युवा खिलाड़ियों को तैयार करना जरूरी है। उन्होंने खेल संगठनों को अधिक पेशेवर बनाने और खिलाड़ियों के लिए संरचित वित्तीय सहायता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि आने वाले कॉमनवेल्थ खेलों और ओलंपिक जैसे आयोजनों में भारत का प्रदर्शन और बेहतर हो सके।

पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि पारंपरिक पर्यटन स्थलों के अलावा नए पर्यटन केंद्रों के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इससे न केवल शहरों की पहचान मजबूत होगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में प्रशिक्षित गाइड, बेहतर आतिथ्य कौशल, डिजिटल कनेक्टिविटी और स्थानीय समुदाय की भागीदारी महत्वपूर्ण स्तंभ बनते जा रहे हैं। इसके साथ ही स्वच्छता और टिकाऊ विकास के सिद्धांतों को भी प्राथमिकता देनी होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संस्थानों, उद्योग और शिक्षाविदों के बीच बेहतर समन्वय से देश की प्रगति को और तेज किया जा सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस वेबिनार में होने वाली चर्चाएं भविष्य के लिए ठोस मार्गदर्शन प्रदान करेंगी और विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करने में सहायक होंगी।

Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930