चाईबासा ट्रेजरी घोटाला: 26 लाख की अवैध निकासी में 4 गिरफ्तार, आरक्षी निकला मास्टरमाइंड

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चाईबासा: झारखंड के चाईबासा ट्रेजरी घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू कर दिया है। पश्चिमी सिंहभूम पुलिस अधीक्षक कार्यालय की लेखा शाखा के खाते से करीब 26,21,717 रुपये की अवैध निकासी के मामले में मुफस्सिल थाना पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

गिरफ्तार आरोपियों में एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर देव नारायण मुर्मू (कोवाली, जमशेदपुर), गोरा चन्द्र मरांडी (तिरिंग, मयूरभंज), सरकार हेंब्रम (खड़बंध, कोवाली) और अरुण कुमार मार्डी शामिल हैं।

इस मामले की प्राथमिकी चाईबासा के कोषागार पदाधिकारी सुमित कुमार ने 26 अप्रैल को दर्ज कराई थी। मुख्य आरोपी देव नारायण मुर्मू की निशानदेही पर ही बाकी तीन आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हो सकी। पूछताछ में सभी आरोपियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।

जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने चाईबासा, जमशेदपुर, रांची और उड़ीसा के बहालदा स्थित एसबीआई खातों में अवैध रूप से सरकारी राशि ट्रांसफर कर निकासी की।

पुलिस के अनुसार, देव नारायण मुर्मू वर्ष 2011 में आरक्षी के पद पर बहाल हुआ था और 2017 से एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में पदस्थापित था। आरोप है कि 2017 से 2025 तक उसने तकनीकी हेरफेर कर सरकारी राशि को अपने और अपने सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर किया।

सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि जब किसी विभागीय कर्मचारी की मृत्यु हो जाती थी, तो उनके परिजनों के खाते में बदलाव कर आरोपियों द्वारा अपने और अपने साथियों के नाम से खाते खोलकर राशि ट्रांसफर कर ली जाती थी।

अन्य जिलों में सामने आए कोषागार घोटालों के बाद चाईबासा में भी जांच शुरू की गई, जिसमें इस बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ। पुलिस अब इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता की जांच कर रही है।

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